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Kangra News: अस्पताल में पहुंची खराब ट्रॉप-टी किट की सप्लाई
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फाइल फोटो
धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में हार्ट अटैक के खतरे का पता लगाने वाली ट्रॉप टी किट्स की खराब सप्लाई पहुंची है। इसके कारण मरीज की जांच में कोई भी नतीजे नहीं मिल पा रहे हैं। नतीजतन मरीजों को अपने दिल की जांच करवाने के लिए निजी मेडिकल स्टोरों से यह किट 250 से 300 रुपये में खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
अस्पताल में आए किटों में से कुछ खराब हो गए हैं। इसके कारण जब मरीजों का खून जांचा जा रहा है, तो कोई नतीजा नहीं मिल रहा। इस स्थिति के कारण मरीजों को न केवल परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि उन्हें निशुल्क मिलने वाली किट के लिए पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
ट्रॉप टी किट से रक्त में ट्रोपोनिन टी प्रोटीन के स्तर को मापने वाला टेस्ट किया जाता है। यह टेस्ट हृदय की मांसपेशियों में होने वाली क्षति का पता लगाने में मदद करता है। हृदय की मांसपेशियां क्षतिग्रस्त होने पर ट्रोपोनिन टी प्रोटीन रक्त में निकलता है। हृदय को जितना ज्यादा नुकसान होगा रक्त में ट्रोपोनिन टी की मात्रा उतनी ही ज्यादा होती है। 15-20 मिनट में होने वाले टेस्ट से यह पता चल जाता है कि मरीज के हार्ट अटैक का कितना खतरा है।
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अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार अस्पताल के लिए करीब 500 किट मंगवाई गई थीं। इनमें से कुछ किट खराब निकली हैं। इस कारण मरीजों के रक्त में ट्रोपोनिन टी के स्तर का पता नहीं चल पा रहा है। डॉक्टरों को इससे मरीजों को उपचार देने में भी कठिनाई हो रही है। ऐसे में मरीजों को मजबूर होकर निजी मेडिकल स्टोरों से किट खरीदनी पड़ रही है।
धर्मशाला अस्पताल में एक साथ 500 के करीब ट्रॉप टी का स्टॉक मंगवाया था। इसमें से एक लॉट (50 किट) खराब पाई गई हैं। उन्हें कंपनी को वापस भेज दिया गया है और नए स्टॉक के लिए ऑर्डर दे दिया गया है।
-डॉ. सुनील भट्ट, एसएमओ, धर्मशाला अस्पताल
ट्रोपोनिन टी टेस्ट के बारे में ज़रूरी बातें
- दिल का दौरा या अस्थिर एनजाइना का पता लगाने के लिए ट्रोपोनिन टी टेस्ट किया जाता है।
- सीने में दर्द होने पर अकसर ट्रोपोनिन टेस्ट किया जाता है।
- ट्रोपोनिन टी टेस्ट के नतीजे से दिल के दौरे की पुष्टि या उसे खारिज किया जा सकता है।
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अस्पताल में आए किटों में से कुछ खराब हो गए हैं। इसके कारण जब मरीजों का खून जांचा जा रहा है, तो कोई नतीजा नहीं मिल रहा। इस स्थिति के कारण मरीजों को न केवल परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि उन्हें निशुल्क मिलने वाली किट के लिए पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
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ट्रॉप टी किट से रक्त में ट्रोपोनिन टी प्रोटीन के स्तर को मापने वाला टेस्ट किया जाता है। यह टेस्ट हृदय की मांसपेशियों में होने वाली क्षति का पता लगाने में मदद करता है। हृदय की मांसपेशियां क्षतिग्रस्त होने पर ट्रोपोनिन टी प्रोटीन रक्त में निकलता है। हृदय को जितना ज्यादा नुकसान होगा रक्त में ट्रोपोनिन टी की मात्रा उतनी ही ज्यादा होती है। 15-20 मिनट में होने वाले टेस्ट से यह पता चल जाता है कि मरीज के हार्ट अटैक का कितना खतरा है।
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अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार अस्पताल के लिए करीब 500 किट मंगवाई गई थीं। इनमें से कुछ किट खराब निकली हैं। इस कारण मरीजों के रक्त में ट्रोपोनिन टी के स्तर का पता नहीं चल पा रहा है। डॉक्टरों को इससे मरीजों को उपचार देने में भी कठिनाई हो रही है। ऐसे में मरीजों को मजबूर होकर निजी मेडिकल स्टोरों से किट खरीदनी पड़ रही है।
धर्मशाला अस्पताल में एक साथ 500 के करीब ट्रॉप टी का स्टॉक मंगवाया था। इसमें से एक लॉट (50 किट) खराब पाई गई हैं। उन्हें कंपनी को वापस भेज दिया गया है और नए स्टॉक के लिए ऑर्डर दे दिया गया है।
-डॉ. सुनील भट्ट, एसएमओ, धर्मशाला अस्पताल
ट्रोपोनिन टी टेस्ट के बारे में ज़रूरी बातें
- दिल का दौरा या अस्थिर एनजाइना का पता लगाने के लिए ट्रोपोनिन टी टेस्ट किया जाता है।
- सीने में दर्द होने पर अकसर ट्रोपोनिन टेस्ट किया जाता है।
- ट्रोपोनिन टी टेस्ट के नतीजे से दिल के दौरे की पुष्टि या उसे खारिज किया जा सकता है।