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Kangra News: 500 से शुरुआत, अब ड्रैगन फ्रूट के 5,000 पाैधों से महके खेत
Mon, 23 Sep 2024 06:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 23 Sep 2024 06:26 AM IST
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धर्मशाला। कोरोना काल में पांच कनाल भूमि पर 500 पौधों से शुरू की ड्रैगन फ्रूट की खेती अब नगरोटा सूरियां के घाड़ जरोट के सेवानिवृत्त लेक्चरर जीवन राणा और उनके बेटे आशीष राणा ने करीब 32 कनाल भूमि तक पहुंचा दी है। अब उन्होंने 32 कनाल भूमि पर ड्रैगन फ्रूट के करीब पांच हजार पौधे लगा दिए हैं। औषधीय गुणों से भरपूर यह फल लोगों को खूब भा रहा है और बिना किसी कैमिकल के तैयार किया फल लोगों की सेहत का भी ध्यान रख रहा है।
सेवानिवृत्त लेक्चरर जीवन राणा और उनके बेटे आशीष राणा ने ड्रैगन फ्रूट के पौधों की प्रदेश की पहली नर्सरी शुरू की है, जहां वे किसानों सो 70 से 100 रुपये में एक पौधा बेट रहे हैं। बुधवार को आशीष राणा शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिले और उन्हें ड्रैगन फ्रूट भेंट किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें इस खेती को और अधिक बढ़ावा देने का भी आश्वासन दिया।
जानकारी के अनुसार अक्तूबर, 2020 में कोरोना काल में किसान आशीष राणा और उनके पिता जीवन राणा ने पांच कनाल भूमि पर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की थी। वहीं, 2022 में उनके बाग से छह क्विंटल फल प्राप्त हुए थे और वर्ष 2023 में उन्हें 14 क्विंटल की फसल मिली थी। इस साल अभी तक करीब छह क्विंटल फल निकाले जा चुके हैं और यह सीजन नवंबर तक चलेगा।
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पांच कनाल भूमि के बाद उन्होंने ड्रैगन फ्रूट की खेती को 25 कनाल तक पहुंचाया और इसे 32 कनाल भूमि पर बाग तैयार किया है। मौजूदा समय में बाग में पांच हजार के करीब पौधे लगाए गए हैं, जिनसे अगले साल करीब 85 क्विंटल ड्रैगन फ्रूट की फसल की उम्मीद है। सबसे खास बात यह है कि वे अपने पौधों में किसी प्रकार की कोई कैमिकल वाली खाद इस्तेमाल नहीं करते हैं। वे खुद प्राकृतिक खाद तैयार कर पौधों को देते हैं।
- ड्रैगन फ्रूट की खेती में किसी प्रकार का कोई कैमिकल इस्तेमाल नहीं करते हैं। शुरुआत में पांच कनाल भूमि पर खेती की शुरूआत की जो आज 32 कनाल तक पहुंच गई है। किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती को अपना व्यवसाय बना सकते हैं। ड्रैगन फूट 250 से 400 रुपये किलो बाजार में बिक रहा है।
- आशीष राणा, किसान
- सरकार की ओर से बागबानों के लिए कई कई योजनाएं चलाई गई हैं। इन योजनाओं का लाभ लेकर किसान अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकते हैं। जीवन राणा और उनके बेटे आशीष राणा ने हाल ही में डीसी कांगड़ा को ड्रैगन फ्रूट भेंट किए थे और बुधवार को आशीष ने शिमला में सीएम को भी ड्रैगन फ्रूट भेंट किए हैं।
- डॉ कमलशील नेगी, उपनिदेशक, उद्यान विभाग कांगड़ा
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सेवानिवृत्त लेक्चरर जीवन राणा और उनके बेटे आशीष राणा ने ड्रैगन फ्रूट के पौधों की प्रदेश की पहली नर्सरी शुरू की है, जहां वे किसानों सो 70 से 100 रुपये में एक पौधा बेट रहे हैं। बुधवार को आशीष राणा शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिले और उन्हें ड्रैगन फ्रूट भेंट किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें इस खेती को और अधिक बढ़ावा देने का भी आश्वासन दिया।
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जानकारी के अनुसार अक्तूबर, 2020 में कोरोना काल में किसान आशीष राणा और उनके पिता जीवन राणा ने पांच कनाल भूमि पर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की थी। वहीं, 2022 में उनके बाग से छह क्विंटल फल प्राप्त हुए थे और वर्ष 2023 में उन्हें 14 क्विंटल की फसल मिली थी। इस साल अभी तक करीब छह क्विंटल फल निकाले जा चुके हैं और यह सीजन नवंबर तक चलेगा।
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पांच कनाल भूमि के बाद उन्होंने ड्रैगन फ्रूट की खेती को 25 कनाल तक पहुंचाया और इसे 32 कनाल भूमि पर बाग तैयार किया है। मौजूदा समय में बाग में पांच हजार के करीब पौधे लगाए गए हैं, जिनसे अगले साल करीब 85 क्विंटल ड्रैगन फ्रूट की फसल की उम्मीद है। सबसे खास बात यह है कि वे अपने पौधों में किसी प्रकार की कोई कैमिकल वाली खाद इस्तेमाल नहीं करते हैं। वे खुद प्राकृतिक खाद तैयार कर पौधों को देते हैं।
- ड्रैगन फ्रूट की खेती में किसी प्रकार का कोई कैमिकल इस्तेमाल नहीं करते हैं। शुरुआत में पांच कनाल भूमि पर खेती की शुरूआत की जो आज 32 कनाल तक पहुंच गई है। किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती को अपना व्यवसाय बना सकते हैं। ड्रैगन फूट 250 से 400 रुपये किलो बाजार में बिक रहा है।
- आशीष राणा, किसान
- सरकार की ओर से बागबानों के लिए कई कई योजनाएं चलाई गई हैं। इन योजनाओं का लाभ लेकर किसान अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकते हैं। जीवन राणा और उनके बेटे आशीष राणा ने हाल ही में डीसी कांगड़ा को ड्रैगन फ्रूट भेंट किए थे और बुधवार को आशीष ने शिमला में सीएम को भी ड्रैगन फ्रूट भेंट किए हैं।
- डॉ कमलशील नेगी, उपनिदेशक, उद्यान विभाग कांगड़ा