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Kangra News: दलाई लामा की दीर्घायु के लिए हनुमान मंदिर में विशेष हवन
Mon, 21 Sep 2026 05:52 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 21 Sep 2026 05:52 AM IST
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धर्मशाला में कचहरी अड्डा स्थित हनुमान मंदिर में आयोजित हवन में पूजा करते शिक्षा बोर्ड के चेयर
धर्मशाला। तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा की दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना को लेकर रविवार को कचहरी अड्डा स्थित हनुमान मंदिर में विशेष प्रार्थना व हवन का आयोजन किया गया। धर्मशाला हिंदू चैप्टर की ओर से धार्मिक सद्भाव और विश्व शांति के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी परंपराओं के अनुसार आहुतियां डालकर प्रार्थना की।
कार्यक्रम के मुख्य यजमान हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि दलाई लामा का पूरा जीवन करुणा, प्रेम, अहिंसा और मानवीय मूल्यों को समर्पित है। यह आयोजन केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानवता, धार्मिक सद्भाव और विश्व शांति के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र वसुधैव कुटुम्बकम् रहा है। भले ही पूजा-पद्धतियां और आस्थाएं अलग हों, लेकिन मानवता और प्रेम की भावना सबको जोड़ती है।
अनुष्ठान के दौरान सभी उपस्थित प्रतिनिधियों व श्रद्धालुओं ने करुणा, मैत्री, सेवा और शांति की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि धर्मशाला हिंदू चैप्टर का उद्देश्य विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सम्मान, संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना है, ताकि समाज में सद्भाव की जड़ें और मजबूत हो सकें।
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कार्यक्रम के मुख्य यजमान हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि दलाई लामा का पूरा जीवन करुणा, प्रेम, अहिंसा और मानवीय मूल्यों को समर्पित है। यह आयोजन केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानवता, धार्मिक सद्भाव और विश्व शांति के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र वसुधैव कुटुम्बकम् रहा है। भले ही पूजा-पद्धतियां और आस्थाएं अलग हों, लेकिन मानवता और प्रेम की भावना सबको जोड़ती है।
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अनुष्ठान के दौरान सभी उपस्थित प्रतिनिधियों व श्रद्धालुओं ने करुणा, मैत्री, सेवा और शांति की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि धर्मशाला हिंदू चैप्टर का उद्देश्य विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सम्मान, संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना है, ताकि समाज में सद्भाव की जड़ें और मजबूत हो सकें।
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