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Kangra News: हिमाचल और चंडीगढ़ के सबसे कम उम्र के फिडे रेटेड खिलाड़ी बने श्रेयन
Thu, 02 Apr 2026 07:20 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 02 Apr 2026 07:20 AM IST
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फतेहपुर (कांगड़ा)। प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, इसे सच कर दिखाया है उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) फतेहपुर विश्रुत भारती के पुत्र श्रेयन शर्मा ने। महज 5 वर्ष 6 महीने की आयु में श्रेयन ने हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के सबसे कम उम्र के विश्व शतरंज महासंघ (फिडे) रेटेड खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया है।
मूल रूप से चिंतपूर्णी के रहने वाले श्रेयन वर्तमान में चंडीगढ़ के एक निजी स्कूल में यूकेजी के छात्र हैं। उन्होंने केवल 4 वर्ष 8 महीने की आयु में शतरंज खेलना शुरू किया और बहुत कम समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर की रेटिंग हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। एसडीएम विश्रुत भारती ने बताया कि श्रेयन ने शुरुआती दौर में ऑनलाइन माध्यम से शतरंज की बारीकियां सीखीं और निरंतर अभ्यास कर अपनी नींव मजबूत की।
अक्तूबर 2025 से उन्होंने पेशेवर प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया और अंडर-9 वर्ग में अपने से बड़े और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। श्रेयन ने कांगड़ा, देहरादून और नई दिल्ली में आयोजित तीन अलग-अलग फिडे रेटेड टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेकर यह उपलब्धि हासिल की है।
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श्रेयन की इस प्रतिभा को निखारने के लिए उन्हें अब चंडीगढ़ चेस अकादमी में अनुभवी कोच के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। श्रेयन एसडीएम विश्रुत भारती और दीपिका जिंदल के पुत्र हैं। उनकी बहन भी शतरंज में गहरी रुचि रखती हैं, जिससे यह खेल परिवार में एक साझा जुनून बन गया है। श्रेयन की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि संपूर्ण हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
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मूल रूप से चिंतपूर्णी के रहने वाले श्रेयन वर्तमान में चंडीगढ़ के एक निजी स्कूल में यूकेजी के छात्र हैं। उन्होंने केवल 4 वर्ष 8 महीने की आयु में शतरंज खेलना शुरू किया और बहुत कम समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर की रेटिंग हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। एसडीएम विश्रुत भारती ने बताया कि श्रेयन ने शुरुआती दौर में ऑनलाइन माध्यम से शतरंज की बारीकियां सीखीं और निरंतर अभ्यास कर अपनी नींव मजबूत की।
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अक्तूबर 2025 से उन्होंने पेशेवर प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया और अंडर-9 वर्ग में अपने से बड़े और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। श्रेयन ने कांगड़ा, देहरादून और नई दिल्ली में आयोजित तीन अलग-अलग फिडे रेटेड टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेकर यह उपलब्धि हासिल की है।
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श्रेयन की इस प्रतिभा को निखारने के लिए उन्हें अब चंडीगढ़ चेस अकादमी में अनुभवी कोच के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। श्रेयन एसडीएम विश्रुत भारती और दीपिका जिंदल के पुत्र हैं। उनकी बहन भी शतरंज में गहरी रुचि रखती हैं, जिससे यह खेल परिवार में एक साझा जुनून बन गया है। श्रेयन की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि संपूर्ण हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।