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Kangra News: पीसी विश्वकर्मा को दिया कारण बताओ नोटिस
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बरियाल (कांगड़ा)। शिमला में पहली सितंबर को पेंशनर की ओर से प्रस्तावित विधानसभा के घेराव को लेकर पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन की 25 अगस्त को नगरोटा सूरियां विश्राम गृह में बैठक के दौरान मुख्य संरक्षक पीसी विश्वकर्मा ने विरोध किया था। इसमें विवाद पैदा हो गया था। पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन खंड नगरोटा सूरियां के प्रधान गुरदेव भारती ने विरोध करने पर मुख्य संरक्षक पीसी विश्वकर्मा को वीरवार को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है।
नोटिस में खंड प्रधान ने लिखा है कि यह देखा गया है कि पीसी विश्वकर्मा ने जानबूझकर हिमाचल पेंशनर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले एक सितंबर को प्रस्तावित शिमला के आंबेडकर चौक, चौड़ा मैदान में होने वाली विरोध रैली के जोश को कम करने की कोशिश की है। कांग्रेस पार्टी के सदस्य होने और पार्टी के कुछ नेताओं के प्रभाव में विश्वकर्मा ने यह झूठा आरोप लगाकर एसोसिएशन की छवि खराब करने की कोशिश की है कि एसोसिएशन भाजपा के इशारों पर काम कर रही है। यह गंभीर चिंता का विषय है और कांग्रेस पार्टी के कहने पर उक्त समिति के एजेंडे का घोर उल्लंघन है, साथ ही यह एसोसिएशन के संविधान की भावना के भी खिलाफ है, इसलिए पीसी विश्वकर्मा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। कारण बताओ नोटिस का तीन दिन में जवाब न देने पर यह मान लिया जाएगा कि इस बारे में आपके पास कहने के लिए कुछ नहीं है।
पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन नगरोटा सूरियां के मुख्य संरक्षक पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि उन्होंने खंड प्रधान को कारण बताओ नोटिस का जवाब दे दिया है कि वह एसोसिएशन के खंड मुख्य संरक्षक हैं और खंड प्रधान की ओर से भेजे गए नोटिस के संबंध में बताया है कि यह सांविधानिक अनुच्छेदों और प्रावधानों की ओर से प्रमाणित नहीं हैं, इसलिए यह नोटिस वैध नहीं हैं और अधूरा है।
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नोटिस राजनीति से प्रेरित : पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट
पेंशनर जॉइंट फ्रंट, हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा, संयोजक हरीश शर्मा व महासचिव हुकुम सिंह ठाकुर की ओर से राज्य प्रवक्ता कल्याण भंडारी ने वीरवार को प्रेस बयान जारी कर कहा कि एसोसिएशन की ओर से मुख्य संरक्षक पीसी विश्वकर्मा को जारी किया कारण बताओ नोटिस राजनीति से प्रेरित, हास्यास्पद और पेंशनर की एकता को कमजोर करने की एक नाकाम कोशिश है। पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट इस नोटिस का खंडन करता है। पीसी विश्वकर्मा ने हमेशा पेंशनर के वास्तविक हितों की आवाज उठाई है।
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नोटिस में खंड प्रधान ने लिखा है कि यह देखा गया है कि पीसी विश्वकर्मा ने जानबूझकर हिमाचल पेंशनर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले एक सितंबर को प्रस्तावित शिमला के आंबेडकर चौक, चौड़ा मैदान में होने वाली विरोध रैली के जोश को कम करने की कोशिश की है। कांग्रेस पार्टी के सदस्य होने और पार्टी के कुछ नेताओं के प्रभाव में विश्वकर्मा ने यह झूठा आरोप लगाकर एसोसिएशन की छवि खराब करने की कोशिश की है कि एसोसिएशन भाजपा के इशारों पर काम कर रही है। यह गंभीर चिंता का विषय है और कांग्रेस पार्टी के कहने पर उक्त समिति के एजेंडे का घोर उल्लंघन है, साथ ही यह एसोसिएशन के संविधान की भावना के भी खिलाफ है, इसलिए पीसी विश्वकर्मा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। कारण बताओ नोटिस का तीन दिन में जवाब न देने पर यह मान लिया जाएगा कि इस बारे में आपके पास कहने के लिए कुछ नहीं है।
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पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन नगरोटा सूरियां के मुख्य संरक्षक पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि उन्होंने खंड प्रधान को कारण बताओ नोटिस का जवाब दे दिया है कि वह एसोसिएशन के खंड मुख्य संरक्षक हैं और खंड प्रधान की ओर से भेजे गए नोटिस के संबंध में बताया है कि यह सांविधानिक अनुच्छेदों और प्रावधानों की ओर से प्रमाणित नहीं हैं, इसलिए यह नोटिस वैध नहीं हैं और अधूरा है।
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नोटिस राजनीति से प्रेरित : पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट
पेंशनर जॉइंट फ्रंट, हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा, संयोजक हरीश शर्मा व महासचिव हुकुम सिंह ठाकुर की ओर से राज्य प्रवक्ता कल्याण भंडारी ने वीरवार को प्रेस बयान जारी कर कहा कि एसोसिएशन की ओर से मुख्य संरक्षक पीसी विश्वकर्मा को जारी किया कारण बताओ नोटिस राजनीति से प्रेरित, हास्यास्पद और पेंशनर की एकता को कमजोर करने की एक नाकाम कोशिश है। पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट इस नोटिस का खंडन करता है। पीसी विश्वकर्मा ने हमेशा पेंशनर के वास्तविक हितों की आवाज उठाई है।