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Kangra News: धर्मशाला अस्पताल में चिकित्सकों का टोटा, मेडिसिन ओपीडी पर जड़ा ताला
Fri, 27 Dec 2024 11:11 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 27 Dec 2024 11:11 AM IST
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धर्मशाला। जिला मुख्यालय धर्मशाला स्थित क्षेत्रीय अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के कारण मजबूरन मेडिसिन ओपीडी पर ताला लगाना पड़ा है। अब शूगर, बीपी और अन्य बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए अन्य अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ेगी।अस्पताल में चिकित्सक की संख्या कम होने से मरीजों को इलाज में कठिनाई हो रही है, जिससे उनका मर्ज बढ़ रहा है।
क्षेत्रीय धर्मशाला अस्पताल में कुल 40 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 27 चिकित्सक ही उपलब्ध हैं। हाल ही में तीन चिकित्सकों का तबादला अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में कर दिया गया। इसके कारण अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी को बंद करना पड़ा। चार महीने पहले अस्पताल से एमडी मेडिसिन का तबादला हुआ था।
इसके बाद अन्य चिकित्सक मेडिसिन ओपीडी में मरीजों को देख रहे थे। मगर अब डाक्टरों की कमी के कारण यह भी संभव नहीं हो पा रहा है। अब मेडिसिन ओपीडी के मरीजों की जांच सामान्य ओपीडी के डॉक्टर कर रहे हैं। इसके अलावा धर्मशाला अस्पताल में अप्रैल 2024 से वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) का पद भी खाली पड़ा हुआ है। सीएमओ कांगड़ा को इस पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
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अस्पताल में गायनी विभाग में केवल एक चिकित्सक हैं, जिसके कारण गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए टांडा अस्पताल रेफर किया जा रहा है। वहीं, रेडियोलॉजी विभाग में केवल एक ही रेडियोलॉजिस्ट हैं। इससे अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। उधर, अस्पताल में एक ही ऑपरेशन थियेटर सहायक होने के कारण ऑपरेशन भी लटक रहे हैं, जिससे इलाज में देरी हो रही है।
मौजूदा समय में धर्मशाला अस्पताल में 28 चिकित्सक हैं, जिसमें से एक महिला डॉक्टर मातृत्व अवकाश पर हैं। एमडी मेडिसिन का पद खाली होने के कारण ओपीडी को बंद करना पड़ा है। मेडिसिन वाले मरीजों को सामान्य ओपीडी में भेजा जा रहा है। हाल ही में तीन और डाक्टरों का तबादला हो गया है। सरकार को समय-समय पर रिक्त पदों को भरने के बारे में अवगत करवाया जा रहा है।
-डॉ. सुनील भट्ट, एसएमओ, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला
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क्षेत्रीय धर्मशाला अस्पताल में कुल 40 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 27 चिकित्सक ही उपलब्ध हैं। हाल ही में तीन चिकित्सकों का तबादला अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में कर दिया गया। इसके कारण अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी को बंद करना पड़ा। चार महीने पहले अस्पताल से एमडी मेडिसिन का तबादला हुआ था।
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इसके बाद अन्य चिकित्सक मेडिसिन ओपीडी में मरीजों को देख रहे थे। मगर अब डाक्टरों की कमी के कारण यह भी संभव नहीं हो पा रहा है। अब मेडिसिन ओपीडी के मरीजों की जांच सामान्य ओपीडी के डॉक्टर कर रहे हैं। इसके अलावा धर्मशाला अस्पताल में अप्रैल 2024 से वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) का पद भी खाली पड़ा हुआ है। सीएमओ कांगड़ा को इस पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
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अस्पताल में गायनी विभाग में केवल एक चिकित्सक हैं, जिसके कारण गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए टांडा अस्पताल रेफर किया जा रहा है। वहीं, रेडियोलॉजी विभाग में केवल एक ही रेडियोलॉजिस्ट हैं। इससे अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। उधर, अस्पताल में एक ही ऑपरेशन थियेटर सहायक होने के कारण ऑपरेशन भी लटक रहे हैं, जिससे इलाज में देरी हो रही है।
मौजूदा समय में धर्मशाला अस्पताल में 28 चिकित्सक हैं, जिसमें से एक महिला डॉक्टर मातृत्व अवकाश पर हैं। एमडी मेडिसिन का पद खाली होने के कारण ओपीडी को बंद करना पड़ा है। मेडिसिन वाले मरीजों को सामान्य ओपीडी में भेजा जा रहा है। हाल ही में तीन और डाक्टरों का तबादला हो गया है। सरकार को समय-समय पर रिक्त पदों को भरने के बारे में अवगत करवाया जा रहा है।
-डॉ. सुनील भट्ट, एसएमओ, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला