फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   Shops extending up to the road and vehicles on the footpath.

Kangra News: पैदल चलने का हक छीना... सड़क तक सजीं दुकानें, फुटपाथ पर वाहन

Wed, 05 Aug 2026 07:09 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Wed, 05 Aug 2026 07:09 AM IST
विज्ञापन
Shops extending up to the road and vehicles on the footpath.
धर्मशाला के कोतवाली बाजार में जहां पर सड़क किनारे फुटपाथ ही नहीं है। वहीं सड़क किनारे लोगों को
धर्मशाला/कांगड़ा/नूरपुर (कांगड़ा)। जिले में सड़कों और फुटपाथों पर आम जनता का पैदल चलने का हक छिन चुका है। शहरों की मुख्य सड़कों से लेकर अंदरूनी बाजारों तक दुकानदारों ने अपनी दुकानें सड़क तक सजा ली हैं तो वहीं फुटपाथों पर दिन-रात वाहन खड़े रहते हैं। इस बेतरतीब अतिक्रमण के कारण राहगीरों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
विज्ञापन

सड़कों और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त रखने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के अमर उजाला के लिए संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने जिला कांगड़ा के विभिन्न क्षेत्रों में ग्राउंड जीरो पर उतरकर पूरी स्थिति की पड़ताल की। इस दौरान सामने आया कि जिला मुख्यालय धर्मशाला, धार्मिक शहर कांगड़ा और व्यापारिक केंद्र नूरपुर में पैदल चलने वालों के लिए न्यूनतम जगह तक नहीं छोड़ी गई है।
विज्ञापन

कई स्थानों पर तो फुटपाथ गायब हैं और जहां बने भी हैं, वहां अवैध कब्जों, रेहड़ी-फड़ी और कूड़े के ढेरों ने लोगों का रास्ता पूरी तरह रोक रखा है। मजबूर लोग बीच सड़क में वाहनों की आवाजाही के बीच पैदल चलने के लिए विवश हैं। इससे हर पल हादसा होने का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोतवाली बाजार में फुटपाथ ही गायब, बस स्टैंड मार्ग पर वाहनों का कब्जा
जिला मुख्यालय धर्मशाला के सबसे व्यस्त व्यापारिक केंद्र कोतवाली बाजार की हालत यह है कि यहां पैदल चलने के लिए फुटपाथ बनाए ही नहीं गए हैं। सड़क के दोनों किनारों पर जो थोड़ी-बहुत जगह बचती है, उस पर दिन-रात दोपहिया व चारपहिया वाहन पार्क रहते हैं। इससे खरीदारों और स्कूली बच्चों को चलती गाड़ियों के बीच में होकर गुजरना पड़ता है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से लेकर मुख्य बस स्टैंड तक बने फुटपाथों पर दुकानदारों ने बाहर तक सामान रखकर कब्जा जमा लिया है। जो जगह खाली बचती है, वहां वाहन चालक गाड़ियां खड़ी कर चले जाते हैं, जिससे पूरा मार्ग अतिक्रमण की चपेट में है।

नूरपुर के चौगान बाजार में एनएच पर अतिक्रमण
वाहनों की अत्यधिक आवाजाही के लिहाज से बेहद संवेदनशील और व्यस्त पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे 154 के किनारे बसे नूरपुर के चौगान बाजार में अब आम राहगीरों के लिए सड़क पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। सड़क किनारे बनी नालियों और फुटपाथों पर दुकानों के सामान व वाहनों के कब्जे के कारण लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। नेशनल हाईवे पर प्रतिदिन ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है, लेकिन उस अनुपात में न तो मुख्य सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जा सकी है और न ही शहर में वाहनों को खड़ा करने के लिए किसी पुख्ता पार्किंग स्थल का इंतजाम किया गया है। इसके चलते वाहन चालक सड़क किनारे ही गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है।

कांगड़ा बाजार में अधिकांश जगह फुटपाथ नहीं
कांगड़ा शहर के अधिकांश व्यापारिक व प्रशासनिक क्षेत्रों में फुटपाथ ही नहीं हैं। शहर के मुख्य मार्ग चाहे वह हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से तहसील चौक का रास्ता हो, तहसील चौक से गुप्तगंगा रोड हो या फिर तहसील चौक से मटौर जाने वाली सड़क हो, इन सभी प्रमुख मार्गों से फुटपाथ गायब हैं। दिन-रात वाहनों की आवाजाही से पैक रहने वाली इन संकरी सड़कों पर राहगीर डर-डर कर सफर तय करने को मजबूर हैं। शहर में जिन इक्का-दुक्का स्थानों पर फुटपाथ बने भी हैं, वहां रेहड़ी-फड़ी वालों ने पक्के अड्डे जमा लिए हैं या फिर वहां गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। तहसील चौक से बज्रेश्वरी देवी मंदिर की ओर जाने वाले पैदल मार्ग पर भी अतिक्रमण है। वहीं, जमानाबाद रोड स्थित फुटपाथ पर लंबे समय से जमा कूड़े-कचरे ने राहगीरों से सुरक्षित चलने का अधिकार छीन लिया है।

सड़क के बीच से चलने की मजबूरी
कोतवाली बाजार धर्मशाला का सबसे तंग बाजार है। यहां सड़क किनारे हमेशा दोपहिया वाहन खड़े रहते हैं। राहगीरों को मजबूरन सड़क के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों को दुर्घटना का सबसे अधिक खतरा बना रहता है। -लाल सिंह पांजला, धर्मशाला
सुप्रीम कोर्ट का फैसला राहत देने वाला
सुप्रीम कोर्ट ने पैदल चलने वालों की गंभीर परेशानी को समझा है। इस फैसले पर अमल होने से राहगीरों को एक सुरक्षित और निश्चित स्थान मिल सकेगा। फुटपाथ तो बने हुए हैं, लेकिन उन पर हमेशा दुकानदारों और वाहन चालकों का अवैध कब्जा रहता है। -सुनील चंदेल, धर्मशाला
फुटपाथों की सफाई और रखरखाव जरूरी
कांगड़ा शहर के जमानाबाद रोड स्थित फुटपाथ पर गंदगी और कचरे का साम्राज्य है। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वह केवल अतिक्रमण ही न हटाए, बल्कि इन फुटपाथों की नियमित सफाई करवाकर इन्हें राहगीरों के चलने लायक बनाए। -नंदलाल, कांगड़ा


नगर निगम क्षेत्र में यदि दुकानदारों या अन्य लोगों द्वारा फुटपाथों पर अतिक्रमण किया जा रहा है, तो इसकी तुरंत जांच करवाई जाएगी। जांच के दौरान नियम तोड़ने वाले और अवैध कब्जा करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -शमशेर नैहरिया, मेयर, नगर निगम धर्मशाला

धर्मशाला के कोतवाली बाजार में जहां पर सड़क किनारे फुटपाथ ही नहीं है। वहीं सड़क किनारे लोगों को

धर्मशाला के कोतवाली बाजार में जहां पर सड़क किनारे फुटपाथ ही नहीं है। वहीं सड़क किनारे लोगों को

धर्मशाला के कोतवाली बाजार में जहां पर सड़क किनारे फुटपाथ ही नहीं है। वहीं सड़क किनारे लोगों को

धर्मशाला के कोतवाली बाजार में जहां पर सड़क किनारे फुटपाथ ही नहीं है। वहीं सड़क किनारे लोगों को

धर्मशाला के कोतवाली बाजार में जहां पर सड़क किनारे फुटपाथ ही नहीं है। वहीं सड़क किनारे लोगों को

धर्मशाला के कोतवाली बाजार में जहां पर सड़क किनारे फुटपाथ ही नहीं है। वहीं सड़क किनारे लोगों को

धर्मशाला के कोतवाली बाजार में जहां पर सड़क किनारे फुटपाथ ही नहीं है। वहीं सड़क किनारे लोगों को

धर्मशाला के कोतवाली बाजार में जहां पर सड़क किनारे फुटपाथ ही नहीं है। वहीं सड़क किनारे लोगों को

धर्मशाला के कोतवाली बाजार में जहां पर सड़क किनारे फुटपाथ ही नहीं है। वहीं सड़क किनारे लोगों को

धर्मशाला के कोतवाली बाजार में जहां पर सड़क किनारे फुटपाथ ही नहीं है। वहीं सड़क किनारे लोगों को

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed