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शिक्षा अभियान...

Sat, 26 Mar 2022 11:54 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Mar 2022 11:54 PM IST
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shifted to government schools
धर्मशाला। दो साल बाद मार्च माह में स्कूलों में बैठकर परीक्षार्थी अपनी-अपनी परीक्षाएं दे रहे हैं। 12वीं की परीक्षाएं 22 मार्च से वहीं, शनिवार से दसवीं की परीक्षाएं भी शुरू हो गईं हैं। जबकि पहली से आठवीं कक्षा की परीक्षाएं खत्म हो चुकी हैं।
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नौवीं और 11वीं कक्षा की परीक्षाएं भी चल रही हैं। करीब डेढ़ साल कोविड काल में सुनसान रहे स्कूलों में जनवरी माह में रौनक लौट आई थी। आलम यह था कि स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या भी 88 फीसदी से ऊपर दर्ज की जा गई थी।
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वहीं, कोविड काल में ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई होने के कारण निजी स्कूलों से कई छात्र-छात्राओं ने जहां सरकारी स्कूलों का रुख किया, वहीं कोविड काल में अपने-अपने घर लौटे प्रवासी छात्र-छात्राएं आज तक स्कूल वापस नहीं पहुंचे हैं। लंबे समय तक चली ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था के बाद अब ऑफलाइन पढ़ाई पर एकाग्रता के लिए अध्यापकों को भी मेहनत करनी पड़ रही है। अब अध्यापक घर के माहौल के आदी हो चुके विद्यार्थियों को फिर से स्कूल के माहौल में ढाल रहे हैं। हालांकि काफी विद्यार्थी कक्षाओं में लंबे समय तक बैठ कर पढ़ाई करने में असहज भी महसूस कर रहे हैं। इन सभी बिंदुओं पर फोकस कर विद्यार्थियों के लिए अनुकूल और सहज माहौल सुनिश्चित करवाने के लिए अध्यापक प्रयासरत हैं। इसके अलावा कोरोना संक्रमण की रोकथाम और स्वच्छता से जुड़ी जरूरी व्यवस्थाएं अब स्कूलों की अनिवार्य दैनिक कार्ययोजना में शामिल हो चुकी हैं। मास्क पहन कर स्कूलों में आना, बार-बार हाथों को सैनिटाइज और साबुन से साफ करना, थर्मल स्क्रीनिंग और स्वच्छता से जुड़े कदम विद्यार्थियों की स्कूली दिनचर्या में शामिल किए गए हैं। वहीं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दाड़ी की प्रिंसिपल अमिता सूद ने बताया कि स्कूल में अब परीक्षाएं चल रही हैं, जबकि जनवरी माह से स्कूलों में नियमित कक्षाएं शुरू हो गई थीं। इस दौरान विद्यार्थियों की संख्या 85 से 90 फीसदी तक दर्ज की गई थी। उन्होंने बताया कि दो साल की अवधि के गैप को एकदम पूरा करना आसान नहीं है। दो साल के इस अंतराल के बाद विद्यार्थियों में कुछ कमियां देखने को मिली थीं, जिन्हें अध्यापकों ने दूर करने का प्रयास किया है।
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