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शिक्षा नीति का सही क्रियान्यवन ही नीति का सफल बनाएगा
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धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के धौलाधार परिसर में राष्ट्रीय संगोष्ठी में
- फोटो : Kangra
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के धौलाधार परिसर में सोमवार को एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी ने मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थिति दर्ज करवाई।
इस अवसर पर विवि के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल भी मौजूद रहे। इस दौरान शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली और हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए।
संगोष्ठी की शुरुआत संस्कृत विभाग के छात्रों की ओर से वैदिक लौकिक प्रार्थना के साथ की गई। इस अवसर पर शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी ने कहा कि 150 वर्ष बाद भारतीय संस्कृति के अनुरूप शिक्षा नीति तैयार की गई है। भारत की आजादी के बाद यह तीसरी शिक्षा नीति है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय स्तर पर क्रियान्वयन समितियों का गठन, विवि में संगोष्ठी, ई-संगोष्ठी एवं कार्यशाला आदि का आयोजन, संकाय विकास कार्यक्रम का आयोजन, कलस्टर बनाकर क्रियान्वयन की योजना, इसके साथ ही छात्रों को नीति सफल बनाने के लिए इसके साथ जोड़ना होगा। इस मौके पर कुलपति के निजी सचिव प्रो. अंबरीश महाजन, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रदीप कुमार, निदेशक जनसंपर्क एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुमन शर्मा, वित्त अधिकारी नरेंद्र कुमार व परिसर समन्वयक प्रो. मनोज कुमार सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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वैदिक गणित के सिद्धांत पर शुरू हुई कार्यशाला
वहीं केंद्रीय विवि में वैदिक गणित के सिद्धांत विषय पर एक सप्ताह की राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू हुई। यह कार्यक्रम संयुक्त रूप से गणित, कंप्यूटर और सूचना विज्ञान स्कूल के तहत वैदिक गणित अनुसंधान केंद्र और श्रीनिवास रामानुजन गणित विभाग की ओर से आयोजित की जा रही है। इस कार्यशाला का आयोजन 12 नवंबर तक होगा।
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इस अवसर पर विवि के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल भी मौजूद रहे। इस दौरान शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली और हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए।
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संगोष्ठी की शुरुआत संस्कृत विभाग के छात्रों की ओर से वैदिक लौकिक प्रार्थना के साथ की गई। इस अवसर पर शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी ने कहा कि 150 वर्ष बाद भारतीय संस्कृति के अनुरूप शिक्षा नीति तैयार की गई है। भारत की आजादी के बाद यह तीसरी शिक्षा नीति है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय स्तर पर क्रियान्वयन समितियों का गठन, विवि में संगोष्ठी, ई-संगोष्ठी एवं कार्यशाला आदि का आयोजन, संकाय विकास कार्यक्रम का आयोजन, कलस्टर बनाकर क्रियान्वयन की योजना, इसके साथ ही छात्रों को नीति सफल बनाने के लिए इसके साथ जोड़ना होगा। इस मौके पर कुलपति के निजी सचिव प्रो. अंबरीश महाजन, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रदीप कुमार, निदेशक जनसंपर्क एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुमन शर्मा, वित्त अधिकारी नरेंद्र कुमार व परिसर समन्वयक प्रो. मनोज कुमार सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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वैदिक गणित के सिद्धांत पर शुरू हुई कार्यशाला
वहीं केंद्रीय विवि में वैदिक गणित के सिद्धांत विषय पर एक सप्ताह की राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू हुई। यह कार्यक्रम संयुक्त रूप से गणित, कंप्यूटर और सूचना विज्ञान स्कूल के तहत वैदिक गणित अनुसंधान केंद्र और श्रीनिवास रामानुजन गणित विभाग की ओर से आयोजित की जा रही है। इस कार्यशाला का आयोजन 12 नवंबर तक होगा।