{"_id":"6755afe1c4d4c5f47b037d81","slug":"pro-weed-science-committee-gave-award-to-angiras-kangra-news-c-95-1-ssml1021-157406-2024-12-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: प्रो. अंगिरस को खरपतवार विज्ञान समिति ने दिया अवार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: प्रो. अंगिरस को खरपतवार विज्ञान समिति ने दिया अवार्ड
Mon, 09 Dec 2024 07:08 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 09 Dec 2024 07:08 AM IST
विज्ञापन
सम्मान लेते हुए डा.अंगिरस
कई खरपतवारों पर शोध कर किसानों को कर चुके हैं लाभान्वित
संवाद न्यूज एजेंसी
पालमपुर (कांगड़ा)। कृषि विवि पालमपुर के सस्य विभाग से रिटायर वरिष्ठ प्रोफेसर डाॅ. नित्यानन्द अंगिरस को भारतीय खरपतवार विज्ञान समिति के तत्वावधान में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में आयोजित द्विवार्षिक सम्मेलन में आईएसडब्लयूएस स्पेशल रेकोगनोशन अवार्ड से सम्मानित किया गया।
उन्हें यह अवार्ड उनके देश-विदेश में खरपतवार विज्ञान में पठन पाठन, शोध कार्यों एवं प्रसार में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए दिया गया है। इस सम्मेलन में भारत और अन्य देशों से लगभग 450 वैज्ञानिकों ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बदलते मौसम के परिपेक्ष्य में नई खरपतवार नियंत्रण विधियों से संसार को कैसे अनाज से संपन्न बनाए रखना था। सम्मेलन का उद्घाटन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उपमहानिदेशक एसके चौधरी ने किया और डाॅ. पंजाब सिंह के कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक ने समारोह की अध्यक्षता की। जिला ऊना के गांव बडैहर में जन्मे डाॅ. अंगरिस नेे खरपतवार विज्ञान संबंधित अनुसंधान में सेवाएं दीं। इसमें से एक साल विदेश में बतौर प्रोफेसर खरपतवार विज्ञान में कार्यरत रहे और 36 वर्ष कृषि विवि पालमपुर में सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने और उनके वैज्ञानिक साथियों ने हिमाचल में उगने वाले खरपतवारों का सर्वेक्षण किया। इसमें उन्होंने विभिन्न फसलों में खरपतवार नियंत्रण की विधियां विकसित की, जिन्हें अपनाकर प्रदेश के किसान लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कई शोध पत्र भी लिखे हैं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पालमपुर (कांगड़ा)। कृषि विवि पालमपुर के सस्य विभाग से रिटायर वरिष्ठ प्रोफेसर डाॅ. नित्यानन्द अंगिरस को भारतीय खरपतवार विज्ञान समिति के तत्वावधान में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में आयोजित द्विवार्षिक सम्मेलन में आईएसडब्लयूएस स्पेशल रेकोगनोशन अवार्ड से सम्मानित किया गया।
उन्हें यह अवार्ड उनके देश-विदेश में खरपतवार विज्ञान में पठन पाठन, शोध कार्यों एवं प्रसार में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए दिया गया है। इस सम्मेलन में भारत और अन्य देशों से लगभग 450 वैज्ञानिकों ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बदलते मौसम के परिपेक्ष्य में नई खरपतवार नियंत्रण विधियों से संसार को कैसे अनाज से संपन्न बनाए रखना था। सम्मेलन का उद्घाटन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उपमहानिदेशक एसके चौधरी ने किया और डाॅ. पंजाब सिंह के कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक ने समारोह की अध्यक्षता की। जिला ऊना के गांव बडैहर में जन्मे डाॅ. अंगरिस नेे खरपतवार विज्ञान संबंधित अनुसंधान में सेवाएं दीं। इसमें से एक साल विदेश में बतौर प्रोफेसर खरपतवार विज्ञान में कार्यरत रहे और 36 वर्ष कृषि विवि पालमपुर में सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने और उनके वैज्ञानिक साथियों ने हिमाचल में उगने वाले खरपतवारों का सर्वेक्षण किया। इसमें उन्होंने विभिन्न फसलों में खरपतवार नियंत्रण की विधियां विकसित की, जिन्हें अपनाकर प्रदेश के किसान लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कई शोध पत्र भी लिखे हैं।
विज्ञापन