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ग्राउंड रिपोर्ट ::: कुठमां में गड्ढे बने मंडी-पठानकोट एनएच की पहचान
Wed, 07 Oct 2026 01:53 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:53 AM IST
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सुरजीत कुमार, चालक।
धर्मशाला। कांगड़ा हवाई अड्डे से आगे कुठमां से लेकर रजोल तक मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत दयनीय हो गई है। मार्ग पर गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क, इसका अंतर कर पाना मुश्किल हो रहा है। इसके चलते यहां से रोजाना गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार को जब संवाददाता ने इस मार्ग का निरीक्षण किया तो पाया कि कुठमां से रजोल के बीच लगभग डेढ़ किलोमीटर के दायरे में सैकड़ों बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जो हर समय दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। इस मार्ग पर सबसे ज्यादा दिक्कतें दोपहिया वाहन चालकों को झेलनी पड़ रही हैं।
रात के समय ये गड्ढे और भी घातक साबित हो रहे हैं क्योंकि सामने से आने वाली बड़ी गाड़ियों की तेज रोशनी जब चालकों पर पड़ती है तो वे गड्ढों के कारण वाहन का संतुलन खो बैठते हैं और दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। स्थानीय वाहन चालकों और राहगीरों अमन कुमार, प्रवेश कुमार, तरसेम कुमार, लेख राज, लकिंद्र सिंह और कपिल देव ने बताया कि इन गड्ढों में गिरकर अब तक कई दोपहिया वाहन चालक गंभीर रूप से चोटिल हो चुके हैं। बार-बार समस्या उठाने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं।
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लगभग एक वर्ष से अधिक का समय हो गया पर इस मार्ग की ओर न तो स्थानीय प्रशासन और न ही संबंधित विभाग ने देखा है। अब इस मार्ग पर वाहन तो दूर की बात पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। -सुरजीत कुमार, चालक
इन गड्ढों भरे मार्ग से गुजरना खतरों से खाली नहीं है। इन मार्गों के गुजरने से वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है। इस बारे में कई बार विभाग को भी अवगत करवा चुके हैं मगर आज कोई कार्रवाई नहीं हुई। -विवेक मेहरा, चालक
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सड़क की समस्या ध्यान में है और इसके लिए ठेकेदार को टेंडर अवार्ड कर दिया है। दिवाली से पहले रजोल से लेकर ठानपुरी तक सड़क को दुरुस्त कर दिया जाएगा। कुठमां से रजोल तक का कार्य तीन-चार दिन में शुरू कर दिया जाएगा। कुठमां से ठानपुरी तक पहले पैच वर्क किया जाएगा उसके बाद टारिंग का कार्य होगा ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो। -रोहित ठाकुर, साइट इंजीनियर, एनएचएआई
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मंगलवार को जब संवाददाता ने इस मार्ग का निरीक्षण किया तो पाया कि कुठमां से रजोल के बीच लगभग डेढ़ किलोमीटर के दायरे में सैकड़ों बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जो हर समय दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। इस मार्ग पर सबसे ज्यादा दिक्कतें दोपहिया वाहन चालकों को झेलनी पड़ रही हैं।
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रात के समय ये गड्ढे और भी घातक साबित हो रहे हैं क्योंकि सामने से आने वाली बड़ी गाड़ियों की तेज रोशनी जब चालकों पर पड़ती है तो वे गड्ढों के कारण वाहन का संतुलन खो बैठते हैं और दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। स्थानीय वाहन चालकों और राहगीरों अमन कुमार, प्रवेश कुमार, तरसेम कुमार, लेख राज, लकिंद्र सिंह और कपिल देव ने बताया कि इन गड्ढों में गिरकर अब तक कई दोपहिया वाहन चालक गंभीर रूप से चोटिल हो चुके हैं। बार-बार समस्या उठाने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं।
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लगभग एक वर्ष से अधिक का समय हो गया पर इस मार्ग की ओर न तो स्थानीय प्रशासन और न ही संबंधित विभाग ने देखा है। अब इस मार्ग पर वाहन तो दूर की बात पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। -सुरजीत कुमार, चालक
इन गड्ढों भरे मार्ग से गुजरना खतरों से खाली नहीं है। इन मार्गों के गुजरने से वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है। इस बारे में कई बार विभाग को भी अवगत करवा चुके हैं मगर आज कोई कार्रवाई नहीं हुई। -विवेक मेहरा, चालक
सड़क की समस्या ध्यान में है और इसके लिए ठेकेदार को टेंडर अवार्ड कर दिया है। दिवाली से पहले रजोल से लेकर ठानपुरी तक सड़क को दुरुस्त कर दिया जाएगा। कुठमां से रजोल तक का कार्य तीन-चार दिन में शुरू कर दिया जाएगा। कुठमां से ठानपुरी तक पहले पैच वर्क किया जाएगा उसके बाद टारिंग का कार्य होगा ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो। -रोहित ठाकुर, साइट इंजीनियर, एनएचएआई

सुरजीत कुमार, चालक।

सुरजीत कुमार, चालक।

सुरजीत कुमार, चालक।