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Kangra News: अब पंचायतों के प्रधान करेंगे बेसहारा पशुओं का सत्यापन
Tue, 21 Jul 2026 08:19 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 21 Jul 2026 08:19 AM IST
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देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में बेसहारा पशुओं के सटीक प्रबंधन और उनके प्रमाणित आंकड़ों के संकलन को लेकर पंचायती राज विभाग एक नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन के तहत संचालित भारत पशुधन पोर्टल पर दर्ज होने वाले बेसहारा पशुओं के विवरण के सत्यापन की जिम्मेदारी अब सीधे ग्राम पंचायत प्रधानों को सौंपी जाएगी।
आंकड़ों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश की सभी पंचायतों के प्रधानों को पोर्टल का आधिकारिक सत्यापनकर्ता नामित किया गया है। पशुपालन विभाग की हालिया समीक्षा बैठक में लिए गए इस निर्णय के बाद पंचायती राज विभाग के संयुक्त निदेशक ने सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।
इसके तहत ग्राम पंचायत प्रधानों की एकमुश्त नियुक्ति सत्यापनकर्ता के रूप में की जाएगी, ताकि भविष्य में पोर्टल के संचालन में कोई तकनीकी बाधा न आए। बीडीओ को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के पंचायत सचिवों के माध्यम से इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करवाएं। योजना के अनुसार सभी पंचायत सचिव पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे और अपने क्षेत्र के प्रधानों के नाम व संपर्क विवरण विभाग को सौंपेंगे। इससे बेसहारा पशुओं के सत्यापन और पोर्टल पर उनकी एंट्री का काम समयबद्ध तरीके से पूरा हो सकेगा।
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उधर, पंचायत सचिव संघ के राज्य अध्यक्ष अमित जसरोटिया ने निर्देशों की पुष्टि करते हुए कहा कि संगठन इस प्रक्रिया को पूरा करने में पूरा सहयोग करेगा ताकि प्रदेश में बेसहारा पशुओं का एक प्रमाणित और अपडेटेड रिकॉर्ड तैयार हो सके।
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आंकड़ों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश की सभी पंचायतों के प्रधानों को पोर्टल का आधिकारिक सत्यापनकर्ता नामित किया गया है। पशुपालन विभाग की हालिया समीक्षा बैठक में लिए गए इस निर्णय के बाद पंचायती राज विभाग के संयुक्त निदेशक ने सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।
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इसके तहत ग्राम पंचायत प्रधानों की एकमुश्त नियुक्ति सत्यापनकर्ता के रूप में की जाएगी, ताकि भविष्य में पोर्टल के संचालन में कोई तकनीकी बाधा न आए। बीडीओ को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के पंचायत सचिवों के माध्यम से इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करवाएं। योजना के अनुसार सभी पंचायत सचिव पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे और अपने क्षेत्र के प्रधानों के नाम व संपर्क विवरण विभाग को सौंपेंगे। इससे बेसहारा पशुओं के सत्यापन और पोर्टल पर उनकी एंट्री का काम समयबद्ध तरीके से पूरा हो सकेगा।
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उधर, पंचायत सचिव संघ के राज्य अध्यक्ष अमित जसरोटिया ने निर्देशों की पुष्टि करते हुए कहा कि संगठन इस प्रक्रिया को पूरा करने में पूरा सहयोग करेगा ताकि प्रदेश में बेसहारा पशुओं का एक प्रमाणित और अपडेटेड रिकॉर्ड तैयार हो सके।