{"_id":"67cdec7b7fa01dcf2d02a19e","slug":"open-discussions-will-fight-tb-red-ribbon-clubs-will-become-weapons-kangra-news-c-95-1-kng1002-168369-2025-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: खुली चर्चा से होगा टीबी पर वार, रेड रिबन क्लब बनेंगे हथियार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: खुली चर्चा से होगा टीबी पर वार, रेड रिबन क्लब बनेंगे हथियार
Mon, 10 Mar 2025 01:01 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 10 Mar 2025 01:01 AM IST
विज्ञापन
धर्मशाला। 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान को सफल बनाने के लिए अब जिला कांगड़ा में रेड रिबन क्लब और शिक्षण संस्थान भी अहम भूमिका निभाएंगे। टीबी के खात्मे के लिए कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के रेड रिबन क्लब गांव-गांव में जाकर टीबी के बारे में लोगों के साथ खुली चर्चा करेंगे। खुली चर्चा से ही टीबी के प्रति लोगों में फैली भ्रांतियों को दूर किया जा सकता है। जब लोगों में फैली भ्रांतियां दूर होंगी तो टीबी को खत्म करना आसान हो जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस अभियान का थीम हां... हम टीबी का अंत कर सकते हैं, प्रतिबद्ध हों, निवेश करें, परिणाम दें रखा है। इसी थीम के तहत रेड रिबन क्लब लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करेंगे। इस दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम के लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (नेक) की गाइडलाइंस के अनुसार हर कॉलेज और विश्वविद्यालय को आसपास के पांच गांव गोद लेने होते हैं।
इन गांवों में टीबी, एड्स सहित सफाई आदि का जिम्मा संबंधित कॉलेज को होता है। इस अभियान के तहत युवा सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करेंगे। बेहतर कार्य करने वाले रेड रिबन क्लबों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत फरवरी के अंत में की गई थी। अब युवा साथी इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे और लोगों को निक्षय मित्र बनने के लिए प्रेरित भी करेंगे, ताकि टीबी मरीजों को हर माह पोषण किट मुहैया करवाई जाए और उनका मनोबल बढ़ाया जाए।
विज्ञापन
जिला कांगड़ा में 100 दिवसीय अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब ढाई लाख जोखिमपूर्ण लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। अब टीबी जांच शिविर में इन लोगों की पोर्टेबल एक्सरे मशीन से जांच की जा रही है। टीबी अभियान को सफल बनाने के लिए कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के रेड रिबन क्लबों के सदस्य लोगों के साथ टीबी के बारे में खुली चर्चा करेंगे और टीबी के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर किया जाएगा। -डॉ. राजेश सूद, जिला स्वास्थ्य अधिकारी
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस अभियान का थीम हां... हम टीबी का अंत कर सकते हैं, प्रतिबद्ध हों, निवेश करें, परिणाम दें रखा है। इसी थीम के तहत रेड रिबन क्लब लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करेंगे। इस दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम के लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (नेक) की गाइडलाइंस के अनुसार हर कॉलेज और विश्वविद्यालय को आसपास के पांच गांव गोद लेने होते हैं।
विज्ञापन
इन गांवों में टीबी, एड्स सहित सफाई आदि का जिम्मा संबंधित कॉलेज को होता है। इस अभियान के तहत युवा सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करेंगे। बेहतर कार्य करने वाले रेड रिबन क्लबों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत फरवरी के अंत में की गई थी। अब युवा साथी इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे और लोगों को निक्षय मित्र बनने के लिए प्रेरित भी करेंगे, ताकि टीबी मरीजों को हर माह पोषण किट मुहैया करवाई जाए और उनका मनोबल बढ़ाया जाए।
विज्ञापन
जिला कांगड़ा में 100 दिवसीय अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब ढाई लाख जोखिमपूर्ण लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। अब टीबी जांच शिविर में इन लोगों की पोर्टेबल एक्सरे मशीन से जांच की जा रही है। टीबी अभियान को सफल बनाने के लिए कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के रेड रिबन क्लबों के सदस्य लोगों के साथ टीबी के बारे में खुली चर्चा करेंगे और टीबी के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर किया जाएगा। -डॉ. राजेश सूद, जिला स्वास्थ्य अधिकारी