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Kangra News: ओबीसी वर्ग आरपार की लड़ाई को तैयार, अब मंत्री और विधायकों का करेगा घेराव
Sun, 20 Apr 2025 07:01 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 20 Apr 2025 07:01 AM IST
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धर्मशला। हिमाचल प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सरकार से नाराज है और अब आरपार की लड़ाई के मूड में आ चुका है। हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण मंडल के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल स्वरूप कोहली और घृत बाहती चाहंग महासभा के प्रदेश अध्यक्ष श्रीकंठ चौधरी ने कहा कि अब ओबीसी वर्ग प्रदेश सरकार और उसके मंत्रियों-विधायकों का घेराव करेगा।
यहां जारी बयान में उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग को न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को दो बार मांगपत्र सौंपे गए। पहला 21 दिसंबर 2023 को तपोवन में विधानसभा सत्र के दौरान और दूसरा 24 जनवरी 2025 को धर्मशाला के सर्किट हाउस में सौंपा गया था, जहां समुदाय से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। लेकिन अब दो साल बीतने को हैं और मुख्यमंत्री ने आज तक ओबीसी वर्ग की सुध नहीं ली।
नेताओं ने कहा कि एक ओर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देशभर में ओबीसी को सामाजिक न्याय और जनसंख्या के अनुसार हिस्सेदारी देने की बात करते हैं, वहीं कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश में ओबीसी वर्ग को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने ओबीसी वर्ग की जनगणना करवाने की घोषणा तक नहीं की है। ऐसे में अब ओबीसी बहुल क्षेत्रों में सरकार और उसके मंत्रियों-विधायकों का घेराव किया जाएगा। आंदोलन को जन-आंदोलन में बदलने की तैयारी की जा रही है।
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यहां जारी बयान में उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग को न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को दो बार मांगपत्र सौंपे गए। पहला 21 दिसंबर 2023 को तपोवन में विधानसभा सत्र के दौरान और दूसरा 24 जनवरी 2025 को धर्मशाला के सर्किट हाउस में सौंपा गया था, जहां समुदाय से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। लेकिन अब दो साल बीतने को हैं और मुख्यमंत्री ने आज तक ओबीसी वर्ग की सुध नहीं ली।
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नेताओं ने कहा कि एक ओर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देशभर में ओबीसी को सामाजिक न्याय और जनसंख्या के अनुसार हिस्सेदारी देने की बात करते हैं, वहीं कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश में ओबीसी वर्ग को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने ओबीसी वर्ग की जनगणना करवाने की घोषणा तक नहीं की है। ऐसे में अब ओबीसी बहुल क्षेत्रों में सरकार और उसके मंत्रियों-विधायकों का घेराव किया जाएगा। आंदोलन को जन-आंदोलन में बदलने की तैयारी की जा रही है।