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Kangra News: आसमान में उड़ रही लापरवाही, धरातल पर गिरते नियम
Thu, 12 Jun 2025 01:21 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 12 Jun 2025 01:21 AM IST
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टेंडम उड़ान
बैजनाथ (कांगड़ा)। विश्व प्रसिद्ध बीड़ बिलिंग घाटी, जहां हर दिन सैकड़ों सैलानी पैराग्लाइडिंग का रोमांच लेने पहुंचते हैं, यहां सुरक्षा के नियमों की खुली अनदेखी हो रही है। प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग के तमाम दिशा-निर्देशों के बावजूद बिना बीमा कवर और बिना तकनीकी जांच के टेंडम उड़ानों को अंजाम दिया जा रहा है, जो कभी भी जानलेवा साबित हो सकता है। वर्तमान में घाटी में 300 से अधिक पायलट सक्रिय हैं जो प्रतिदिन टेंडम उड़ानें करवा रहे हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि लगभग 50 पायलट पर्यटकों को बिना बीमा कवर के उड़ान करवा रहे हैं। इसके अलावा, कुछ पायलटों के ग्लाइडर भी बिना तकनीकी जांच के आसमान में उड़ रहे हैं।
नियम क्या कहते हैं?
प्रत्येक पायलट को हर साल अपने ग्लाइडर की अधिकृत कमेटी से तकनीकी जांच करवानी होती है। पायलट के पास निजी बीमा के साथ टेंडम उड़ान के दौरान पर्यटक का भी बीमा कवर होना आवश्यक है। यह बीमा कवर पायलट और पर्यटक दोनों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य माना गया है, लेकिन धरातल पर स्थिति इससे बिलकुल विपरीत नजर आ रही है।
निगरानी तंत्र भी सुस्त
घाटी में निगरानी के लिए नौ मार्शल तैनात हैं और पर्यटन विभाग, स्थानीय प्रशासन व पर्वतारोहण संस्थान के प्रतिनिधि भी चेकिंग के लिए अधिकृत हैं। बावजूद इसके नियमित निरीक्षण न के बराबर हो रहा है। हादसा होने पर ही आदेश जारी होते हैं, लेकिन अमल कभी नहीं होता।
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पर्यटकों की चिंता
बाहरी राज्यों से पहुंचे पर्यटक अतुल, रमणदीप, आशुतोष, अनुज और पंकज का कहना है कि पायलटों के दस्तावेजों की नियमित जांच और पर्यटकों को दी जा रही सुरक्षा सुविधाओं की समय-समय पर समीक्षा बेहद जरूरी है।
कुछ पायलटों ने टेंडम उड़ानों के लिए बीमा कवर नहीं लिया था, जिन्हें दो दिन का समय दिया गया है।
रण विजय, सुपरवाइजर, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण
अब पायलटों के ग्लाइडर और दस्तावेजों की रूटीन जांच सुनिश्चित की जाएगी। बीमा और सुरक्षा नियमों की अनदेखी से पर्यटकों की जान जोखिम में पड़ सकती है, इसलिए उचित कार्रवाई की सख्त आवश्यकता है ताकि बिलिंग घाटी की यह विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल सुरक्षित बनी रहे।
संकल्प गौतम, एसडीएम
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नियम क्या कहते हैं?
प्रत्येक पायलट को हर साल अपने ग्लाइडर की अधिकृत कमेटी से तकनीकी जांच करवानी होती है। पायलट के पास निजी बीमा के साथ टेंडम उड़ान के दौरान पर्यटक का भी बीमा कवर होना आवश्यक है। यह बीमा कवर पायलट और पर्यटक दोनों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य माना गया है, लेकिन धरातल पर स्थिति इससे बिलकुल विपरीत नजर आ रही है।
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निगरानी तंत्र भी सुस्त
घाटी में निगरानी के लिए नौ मार्शल तैनात हैं और पर्यटन विभाग, स्थानीय प्रशासन व पर्वतारोहण संस्थान के प्रतिनिधि भी चेकिंग के लिए अधिकृत हैं। बावजूद इसके नियमित निरीक्षण न के बराबर हो रहा है। हादसा होने पर ही आदेश जारी होते हैं, लेकिन अमल कभी नहीं होता।
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पर्यटकों की चिंता
बाहरी राज्यों से पहुंचे पर्यटक अतुल, रमणदीप, आशुतोष, अनुज और पंकज का कहना है कि पायलटों के दस्तावेजों की नियमित जांच और पर्यटकों को दी जा रही सुरक्षा सुविधाओं की समय-समय पर समीक्षा बेहद जरूरी है।
कुछ पायलटों ने टेंडम उड़ानों के लिए बीमा कवर नहीं लिया था, जिन्हें दो दिन का समय दिया गया है।
रण विजय, सुपरवाइजर, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण
अब पायलटों के ग्लाइडर और दस्तावेजों की रूटीन जांच सुनिश्चित की जाएगी। बीमा और सुरक्षा नियमों की अनदेखी से पर्यटकों की जान जोखिम में पड़ सकती है, इसलिए उचित कार्रवाई की सख्त आवश्यकता है ताकि बिलिंग घाटी की यह विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल सुरक्षित बनी रहे।
संकल्प गौतम, एसडीएम