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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   Named smart city, there are not even toilets at major places, people are forced to defecate in the open.

Kangra News: नाम की स्मार्ट सिटी, प्रमुख स्थलों पर शौचालय तक नहीं, खुले में शौच जाने को मजबूर लोग

Mon, 10 Jun 2024 03:30 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Mon, 10 Jun 2024 03:30 AM IST
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Named smart city, there are not even toilets at major places, people are forced to defecate in the open.
धर्मशाला। धर्मशाला केवल नाम की स्मार्ट सिटी बनकर रह गई है न तो लोगों को स्मार्ट सुविधाएं मिल पा रही हैं और न ही मूलभूत सुविधाएं। करोड़ों खर्च करने के बाद भी स्मार्ट सिटी धर्मशाला में वर्षों से लोगों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पाई हैं। धर्मशाला का विकास या तो फाइलों में सिमट कर रह गया है या घोषणाओं में। धर्मशाला के कोतवाली बाजार से लेकर कचहरी अड्डा तक कोई भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है, जिस वजह से वहां खरीदारी करने वाले लोगों, व्यापारियों और बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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कई लोग तो मजबूरन खुले में शौच कर रहे हैं, जिससे केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन फेल होता जा रहा है। हर साल धर्मशाला के लोगों से टैक्स वसूल किया जाता है, लेकिन मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। वहीं, विश्व प्रसिद्ध क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला के आसपास भी शौचालय नहीं है। रोजाना वहां हजारों की तादाद में सैलानी स्टेडियम देखने आते हैं, लेकिन शौचालय न होने के कारण महिलाओं, बुजुर्गों सहित अन्य लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम धर्मशाला की लचर व्यवस्था की खामियाजा लोगों को झेलना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार कोतवाली के टैक्सी स्टैंड के पास के शौचालय को भूस्खलन के कारण तोड़ दिया गया है।
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इसके अलावा कचहरी अड्डा के पास बने शुलभ शौचालय को भी हटा दिया गया है। इसके अलावा कचहरी के पास टैक्सी स्टैंड का शौचालय भी टूटा पड़ा है। इसके अलावा शहर के जो शौचालय हैं उनकी हालत इतनी खस्ता है कि वहां कोई नहीं जाता है। स्कूल शिक्षा बोर्ड कार्यालय के पास स्थित शहीद स्मारक में भी आज कल रोजाना सैकड़ों सैलानी आ रहे हैं, लेकिन वहां पर भी शौचालय की कोई सुविधा नहीं है। सात सालों में नगर निगम धर्मशाला में स्मार्ट सिटी की ओर से एक भी ई-शौचालय नहीं बनाया गया है। वहीं, हर वर्ष नगर निगम के बजट में नए शौचालय बनाने का प्रावधन रखा जाता है, जो केवल बैठकों और कागजों में ही सिमट कर रह जाते हैं।
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सैलानी बोले-बेहतर सुविधाएं दिलाए प्रशासन
रविवार को धर्मशाला आए सैलानी पंकुश, श्वेता, नम्रता, प्रियांशु, आतेश, अखिल और अनिकेत ने कहा कि पर्यटन नगरी धर्मशाला में शौचालय तक नहीं है। इस वजह से मजबूरन खुले में शौच करना पड़ रहा है। महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन को चाहिए कि पर्यटन नगरी में सैलानियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
टैक्स लेने से पहले सुविधाओं का रहे ख्याल : जम्वाल
व्यापार मंडल कोतवाली बाजार के अध्यक्ष नरेंद्र जम्वाल ने कहा कि दुकानदारों से टैक्स और अन्य शुल्क लिए जाते हैं, लेकिन सुविधाएं कुछ नहीं मिलती हैं। नगर निगम को चाहिए कि पहले सुविधाएं दी जाएं, फिर टैक्स और अन्य शुल्क लिए जाएं।

धर्मशाला स्टेडियम के पास वन विभाग की भूमि है। वहां पर शौचालय बनाने का प्रपोजल है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वहां शौचालयों का निर्माण किया जाएगा।
नीनू शर्मा, मेयर, नगर निगम धर्मशाला
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