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Kangra News: बारिश के बाद नलों से आ रहा मटमैला पानी
Fri, 18 Apr 2025 12:45 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 18 Apr 2025 12:45 AM IST
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धर्मशाला। खनियारा की मनूणी खड्ड पर चल रहे हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य के कारण क्षेत्र की पेयजल योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। खनन गतिविधियों के कारण सारी मिट्टी बारिश के साथ घुलकर पेयजल स्कीमें में पहुंच रही है। बुधवार रात को जोरदार बारिश के बाद मनूणी खड्ड का पानी मटमैला हो गया। बता दें कि इस खड्ड से जलशक्ति विभाग की पेयजल स्कीमों के लिए पानी लिफ्ट होता है लेकिन खड्ड में मटमैला पानी होने के कारण आगे लोगों के घरों में लगे नलों में भी यह दूषित पानी जा रहा है।
किसान सभा धर्मशाला और ग्राम पंचायत सोकणी दा कोट के प्रतिनिधि इस मामले को पूर्व में उपायुक्त कांगड़ा के समक्ष उठा चुके हैं। जिसके बाद विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया था और साथ ही हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन को नोटिस भी दिया था लेकिन इसके बावजूद स्थिति ठीक नहीं हो पा रही। स्थानीय ग्रामीणों राजेंद्र शर्मा, सुनील, प्रदीप और कुलदीप ने कहा कि अगर गांव में दूषित पेयजल के कारण कोई बीमारी फैलती है तो इसकी सारी जिम्मेवारी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन, जलशक्ति विभाग और जिला प्रशासन की होगी। जिला खनन और प्रदूषण विभाग की चुप्पी भी समझ से परे है। उधर, जलशक्ति विभाग के मुख्य अभियंता दीपक गर्ग ने कहा कि इस मामले को लेकर अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए गए हैं। पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन से भी बात हुई है।
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किसान सभा धर्मशाला और ग्राम पंचायत सोकणी दा कोट के प्रतिनिधि इस मामले को पूर्व में उपायुक्त कांगड़ा के समक्ष उठा चुके हैं। जिसके बाद विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया था और साथ ही हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन को नोटिस भी दिया था लेकिन इसके बावजूद स्थिति ठीक नहीं हो पा रही। स्थानीय ग्रामीणों राजेंद्र शर्मा, सुनील, प्रदीप और कुलदीप ने कहा कि अगर गांव में दूषित पेयजल के कारण कोई बीमारी फैलती है तो इसकी सारी जिम्मेवारी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन, जलशक्ति विभाग और जिला प्रशासन की होगी। जिला खनन और प्रदूषण विभाग की चुप्पी भी समझ से परे है। उधर, जलशक्ति विभाग के मुख्य अभियंता दीपक गर्ग ने कहा कि इस मामले को लेकर अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए गए हैं। पावर प्रोजेक्ट प्रबंधन से भी बात हुई है।
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