फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   Mandi's team became champion in table tennis competition

Kangra News: यह कैसी सुविधा, धान बेचने के लिए गिड़गिड़ा रहे किसान

Mon, 11 Nov 2024 06:49 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Mon, 11 Nov 2024 06:49 AM IST
विज्ञापन
Mandi's team became champion in table tennis competition
इंदौरा के महोटली रेलवे फाटक बंद होने के बाद भी जान जो​खिम डालकर बाईक निकालते हुए व्य​क्ति। संवा
मंडी के बाहर पांच दिन से खड़े हैं लदे वाहन, पंजाब में फसल न बिकने से पेश आ रहीं समस्याएं
विज्ञापन

राजा का बाग और ढलियारा में चल रहे महज दो शेलर, कई किसान टोकन लगने का कर रहे इंतजार
किसान बोले, समय रहते खेतों से फसल न उठाई तो बारिश से हो जाएगी बर्बाद
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर (कांगड़ा)। किसान जाएं तो जाएं कहां, यह सबसे बड़ा सवाल कांगड़ा जिले के किसानों के लिए अपनी धान की फसल बेचने के लिए बन चुका है। किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए गिड़गिड़ाना पड़ रहा है। रियाली मंडी का प्लेटफार्म धान से भर चुका है और किसान अब फतेहपुर मंडी का रुख कर रहे हैं।
जिला के शाहपुर और कांगड़ा के आसपास के किसानों के धान से भरे आठ ट्रकों, ट्रेक्टरों सहित कुल 18 माल वाहक वाहन मंडी परिसर में पिछले पांच-छह दिन से खाली होने का इंतजार कर रहे हैं। इनके अलावा अन्य किसान टोकन लगने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि उनकी फसल अभी भी खेतों में पड़ी हुई है।
विज्ञापन

पहले प्रदेश के निचले क्षेत्र रियाली के किसान पंजाब में अपनी फसल बेचते थे, लेकिन कृषि पर तीन कानून आने के बाद अब पंजाब में केवल वही किसान अपनी फसल बेच सकते हैं, जिनकी जमीन पंजाब में है। वहां फसल बेचने के समय पंजाब की जमीन का पर्चा और आधार कार्ड होना जरूरी कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हिमाचल के किसान जो पंजाब में अपनी फसल बेचते थे वे किसी पंजाब के किसान के नाम पर फसल बेचते थे, लेकिन उन्हें यह डर सताता रहता था कि कहीं उसका पैसा मर न जाए। क्योंकि फसल का पैसा उसी किसान के खाते में जाता था, जिसके नाम पर फसल दर्ज होती थी। इसी समस्या को देखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने मिलवा, रियाली और फतेहपुर में मंडियां खोल दीं, लेकिन अब समस्या यह आन पड़ी है कि सरकार ने धान की खरीद तो कर ली, लेकिन उसे लिफ्ट करने का प्रोसेस धीमा है। मात्र दो शैलर राजा का बाग और ढलियारा में स्थित हैं, को मात्र 2500 क्विंटल धान से चावल बनाने को दिए जा रहे हैं, उस पर भी एक शर्त लगा दी है कि जब तक दिए धान का चावल शैलर से वापस नहीं आता, तब तक दूसरी खेप नहीं दी जाएगी।
वहीं, एपीएमसी के नव नियुक्त सदस्य एवं हिमाचल किसान संघ इकाई फतेहपुर के अध्यक्ष और रियाली मंड निवासी विजय कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग किसानों की ओर न देख के मात्र जिला के दो शैलरों को अमीर करने के प्रयास में हैं और उन पर ही मेहरबान क्यों है। उन्होंने कहा कि सरकार को जिला ऊना और अन्य जिलों के बड़े-बड़े शैलरों से संपर्क करना चाहिए ताकि लिफ्टिंग जल्दी हो सके। मंडियों में पांच से छह दिनों तक वाहन खड़े रह रहे हैं। किसान तिरलोक सिंह, सुनीत आदि का कहना हैं कि अब हालात यह बन चुके हैं कि किसान मंडियों में धान बेचने के किए बैठें या अपनी नई फसल को लगाने की तैयारी करें या बीजी हुई सरसों कि तरफ ध्यान दें या खेतों में पड़े धान कि तरफ ध्यान दें, आखिर किसान जाएं तो जाएं कहां। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ किसानों की वित्तीय स्थिति को सुधारने की बात करती है, लेकिन फसल का न बिकना उनके मनोबल को तोड़ देगा। समय रहते खेतों से फसल न उठाई तो बारिश से किसानों की फसल खेतों में बर्बाद हो जाएगी, जिससे किसानों को काफी नुकसान होगा।


-अगली फसल लगाने का समय बीता जा रहा है, जबकि कुछ किसानों का धान खेतों में और कुछ एक हफ्ते तक मंडी में ट्राली खाली होने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों को दोहरी मार पड़ रही है।
- विजय कुमार, अध्यक्ष, हिमाचल किसान सभा फतेहपुर इकाई

-पिछले दो दशकों से धान की खेती कर रहे हैं। इस बार किसान जितना परेशान है, उतना इससे पहले नहीं हुआ। अनाज मंडियों में फसल को रखने के लिए पूरी व्यवस्था की जानी चाहिए, जिससे कि किसान को अधिक समय यहां पर न गुजारना पड़े।
- त्रिलोक सिंह, किसान

- सरकार और प्रशासन किसानों की परेशानी को संजीदगी से हल करें। अगर ऐसा ही हाल रहा तो कई किसान धान लगाने से परहेज करेंगे। पंजाब में भी हिमाचल के किसान अपनी फसल नहीं बेच सकते हैं। - सौरभ सिंह, किसान

- एक हफ्ते से ट्रक भरकर धान लेकर खड़े हैं। अभी भी पता नहीं कब तक नंबर आएगा। ऐसी ढीली कार्यप्रणाली से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। समय के साथ उन्हें गाड़ियों के किराया भी बढ़ रहा है।
- देवेंद्र सिंह, किसान

-सोमवार को जिला खाद्य आपूर्ति विभाग नियंत्रक की अगुवाई में मंडियों में पहुंचकर किसानों की समस्याओं को जानेगा और उनका हल करेगा। किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है, किसानों की फसल को समय रहते खरीदा जाएगा।

- रामकुमार गौतम, निदेशक, राज्य खाद्य आपूर्ति विभाग।

इंदौरा के महोटली रेलवे फाटक बंद होने के बाद भी जान जोखिम डालकर बाईक निकालते हुए व्यक्ति। संवा

इंदौरा के महोटली रेलवे फाटक बंद होने के बाद भी जान जोखिम डालकर बाईक निकालते हुए व्यक्ति। संवा

इंदौरा के महोटली रेलवे फाटक बंद होने के बाद भी जान जोखिम डालकर बाईक निकालते हुए व्यक्ति। संवा

इंदौरा के महोटली रेलवे फाटक बंद होने के बाद भी जान जोखिम डालकर बाईक निकालते हुए व्यक्ति। संवा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed