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Kangra News: कनोल और दाड़नू में गिरी बिजली, बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में बिछी गेहूं की फसल
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धर्मशाला। जिला कांगड़ा में शनिवार को मौसम बार-बार करवट बदलता रहा। कुछ देर के लिए तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई तो कुछ देर में धूप खिलती रही। खराब मौसम के बीच शाहपुर के कनोल और दाड़नू क्षेत्र में आसमानी बिजली गिरने से कई पेड़ क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि राहत की बात है कि इन घटनाओं में किसी प्रकार के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन तेज गर्जना और बिजली की कड़क से लोग सहमे रहे।
दोपहर करीब तीन बजे तक हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी है। कटाई के नजदीक पहुंच चुकी गेहूं की फसल कई क्षेत्रों में खेतों में ही बिछ गई है। किसानों का कहना है कि इस बेमौसम बारिश और ओलों ने उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। निचले इलाकों में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचने की आशंका है।
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के चलते जिले के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। धौलाधार की पहाड़ियों पर ताजा हिमपात होने से समूचा जिला शीतलहर की चपेट में है, जिससे लोगों को एक बार फिर भारी गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। शनिवार शाम साढ़े चार बजे के बाद दोबारा शुरू हुए बारिश के दौर ने ठंड और बढ़ा दी है।
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पेयजल स्रोतों के लिए वरदान
एक ओर जहां बारिश किसानों के लिए आफत बनकर आई है, वहीं जल शक्ति विभाग इसे गर्मियों के लिए राहत मान रहा है। विभाग के मुख्य अभियंता दीपक गर्ग ने कहा कि भारी बारिश और बर्फबारी से जिले के प्राकृतिक पेयजल स्रोत पूरी तरह रिचार्ज हो गए हैं, जिससे आगामी गर्मियों में पानी की किल्लत कम होने की उम्मीद है।
फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए टीमें प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगी। किसान खेतों में पानी खड़ा न होने दें। नुकसान की स्थिति में तुरंत संबंधित कृषि ब्लॉक से संपर्क करें। -डॉ. कुलदीप धीमान, उपनिदेशक, कृषि विभाग
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दोपहर करीब तीन बजे तक हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी है। कटाई के नजदीक पहुंच चुकी गेहूं की फसल कई क्षेत्रों में खेतों में ही बिछ गई है। किसानों का कहना है कि इस बेमौसम बारिश और ओलों ने उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। निचले इलाकों में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचने की आशंका है।
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पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के चलते जिले के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। धौलाधार की पहाड़ियों पर ताजा हिमपात होने से समूचा जिला शीतलहर की चपेट में है, जिससे लोगों को एक बार फिर भारी गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। शनिवार शाम साढ़े चार बजे के बाद दोबारा शुरू हुए बारिश के दौर ने ठंड और बढ़ा दी है।
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पेयजल स्रोतों के लिए वरदान
एक ओर जहां बारिश किसानों के लिए आफत बनकर आई है, वहीं जल शक्ति विभाग इसे गर्मियों के लिए राहत मान रहा है। विभाग के मुख्य अभियंता दीपक गर्ग ने कहा कि भारी बारिश और बर्फबारी से जिले के प्राकृतिक पेयजल स्रोत पूरी तरह रिचार्ज हो गए हैं, जिससे आगामी गर्मियों में पानी की किल्लत कम होने की उम्मीद है।
फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए टीमें प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगी। किसान खेतों में पानी खड़ा न होने दें। नुकसान की स्थिति में तुरंत संबंधित कृषि ब्लॉक से संपर्क करें। -डॉ. कुलदीप धीमान, उपनिदेशक, कृषि विभाग