Kangra: राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों के लिए भूमि हस्तांतरण में सबसे आगे रहा कांगड़ा
सरकारी क्षेत्र में उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थान तैयार करने के सीएम के विजन पर कांगड़ा जिला के लिए पहले चरण में आठ राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल स्वीकृत किए गए हैं।
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कांगड़ा जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए वर्तमान सरकार तत्परता के साथ कार्य कर रही है। सरकारी क्षेत्र में उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थान तैयार करने के सीएम के विजन पर कांगड़ा जिला के लिए पहले चरण में आठ राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। इसमें से छह डे बोर्डिंग स्कूल की आधाशिला रखी जा चुकी है। जबकि दो स्कूलों में कार्य आरंभ भी हो चुका है। कांगड़ा जिला प्रशासन की तेजी से डे बोर्डिंग स्कूलों के लिए भूमि हस्तांतरण में सबसे आगे रहा है। इसके अतिरिक्त शाहपुर के रैत तथा जसवां प्रागपुर में भी डे बोर्डिंग स्कूल खोलना प्रस्तावित है। शिक्षा विभाग के मुताबिक ज्वाली के ठंगड़, जयसिंहपुर के सोलबनेड़, पालमपुर के कमलेहड़, नगरोटा बगवां के रणहूं, फतेहपुर के मंझार, ज्वालामुखी के लाहड़ू में बोर्डिंग स्कूल की आधारशिला रखी जा चुकी है।
जबकि पालमपुर तथा ज्वालामुखी में इस दिशा में कार्य भी आरंभ हो चुका है। बता दें, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल बनाने की घोषणा की है। इसे लेकर पहले चरण में प्रदेश में 15 विधानसभा क्षेत्रों में यह स्कूल बनाने को मंजूरी दी गई थी। उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि कांगड़ा जिला प्रशासन की तेजी से डे बोर्डिंग स्कूलों के लिए लैंड ट्रांसफर में सबसे आगे रहा है। उन्होंने कहा कि डे बोर्डिंग स्कूल ग्रामीण तथा निर्धन बच्चों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका का निर्वहन सुनिश्चित करेंगे। डे बोडिंग स्कूल में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने से ग्रामीण प्रतिभाओं को भी आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।