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कांगड़ा का सबसे पुराना स्कूल बना 65 परिवारों के 300 सदस्यों का आशियाना

Tue, 13 Jul 2021 08:09 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jul 2021 08:09 PM IST
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Kangra's oldest school became the home of 300 members of 65 families, Affected living in Bagli school, social organizations and administration took over the responsibility of living and eating of the affected
धर्मशाला। जिला कांगड़ा के सबसे पुराने विद्यालयों में से बगली स्कूल 65 परिवारों के करीब 300 सदस्यों का आशियाना बन गया है। सोमवार को चैतड़ू गांव में खड्ड किनारे रहने वाले प्रवासी परिवारों को फिलहाल के लिए बगली स्कूल में ठिकाना दिया गया है। इस दौरान समाजसेवी संस्थाएं व प्रशासन मिलकर इन परिवारों के खाने व रहने की व्यवस्था स्कूल परिसर में कर रहा है। स्कूल परिसर में ही इन लोगों के लिए खाना बनाया जा रहा है। सुबह के समय टोग लैन संस्था और दोपहर के समय सांई संस्था प्रवासियों का खाना खिला रही है। वहीं रात के खाने का प्रबंध स्थानीय पंचायत और प्रशासन की मदद से किया जा रहा है। फिलहाल इन 300 लोगों को स्कूल में ही रखने की व्यवस्था की गई है। वहीं कुछ परिवार अपने परिजनों के पास भी रहने चले गए हैं। मंगलवार को दोपहर के समय एसडीएम धर्मशाला डॉ. हरीश गज्जु ने भी बगली स्कूल में व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए इन लोगों की व्यवस्था बगली स्कूल में की गई है। स्थिति साफ होते ही इन लोगों के रहने के लिए कोई और स्थान देखा जाएगा।
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