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Kangra News: मृतक के परिजनों को ब्याज सहित 15 लाख दे बीमा कंपनी
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मृतक के परिजनों को ब्याज सहित 15 लाख दे बीमा कंपनी
जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला ने सुनाया फैसला
कंपनी को 65 हजार मुआवजा और न्यायलयी शुल्क देने के भी आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद व नारायण ठाकुर की अदालत ने वाहन का बीमा होने के बावजूद दुर्घटना के बाद मृतक के परिजनों को क्लेम राशि न देने पर टाटा एआईजी इंश्योरेंस कंपनी को अब नौ प्रतिशत ब्याज सहित 15 लाख की राशि देने के आदेश दिए हैं। साथ ही 50 हजार रुपये मुआवजा और 15 हजार न्यायालयी शुल्क भी मृतक के परिजनों को देने के लिए कहा है।
शकुंतला देवी निवासी संसारपुर टैरेस ने आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनके बेटे अखिल पठानिया ने अपने वाहन की टाटा एआईजी इंश्योरेंस कंपनी से इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। यह पॉलिसी 17 नवंबर 2020 से 16 नवंबर 2021 तक वैध थी। इस दौरान 15 मई 2021 को उनका बेटा गाड़ी लेकर जा रहा था तो टायर फटने से वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें उनके बेटे अखिल पठानिया की मौत हो गई। इसके बाद उन्होंने सभी दस्तावेजों और औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद कंपनी से इंश्योरेंस की क्लेम राशि के लिए आवेदन किया तो कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद भी कई बार मौखिक और लिखित रूप से संपर्क किया गया, लेकिन कंपनी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष पहुंची शिकायत के बाद दोनों पक्षों की ओर से पेश किए गए तथ्यों को जांचा गया। तथ्यों को जांचने के बाद आयोग ने शिकायत को मंजूर करते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है।
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जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला ने सुनाया फैसला
कंपनी को 65 हजार मुआवजा और न्यायलयी शुल्क देने के भी आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद व नारायण ठाकुर की अदालत ने वाहन का बीमा होने के बावजूद दुर्घटना के बाद मृतक के परिजनों को क्लेम राशि न देने पर टाटा एआईजी इंश्योरेंस कंपनी को अब नौ प्रतिशत ब्याज सहित 15 लाख की राशि देने के आदेश दिए हैं। साथ ही 50 हजार रुपये मुआवजा और 15 हजार न्यायालयी शुल्क भी मृतक के परिजनों को देने के लिए कहा है।
शकुंतला देवी निवासी संसारपुर टैरेस ने आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनके बेटे अखिल पठानिया ने अपने वाहन की टाटा एआईजी इंश्योरेंस कंपनी से इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। यह पॉलिसी 17 नवंबर 2020 से 16 नवंबर 2021 तक वैध थी। इस दौरान 15 मई 2021 को उनका बेटा गाड़ी लेकर जा रहा था तो टायर फटने से वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें उनके बेटे अखिल पठानिया की मौत हो गई। इसके बाद उन्होंने सभी दस्तावेजों और औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद कंपनी से इंश्योरेंस की क्लेम राशि के लिए आवेदन किया तो कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद भी कई बार मौखिक और लिखित रूप से संपर्क किया गया, लेकिन कंपनी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष पहुंची शिकायत के बाद दोनों पक्षों की ओर से पेश किए गए तथ्यों को जांचा गया। तथ्यों को जांचने के बाद आयोग ने शिकायत को मंजूर करते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है।
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