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अगर चुनाव नहीं तो जारी रहे वर्तमान पंचायत जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल: विपन
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धर्मशाला पंचायत समिति के उपाध्यक्ष ने प्रदेश सरकार से की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। पंचायत समिति धर्मशाला के उपाध्यक्ष विपन डोगरा ने कहा कि सरकार अगले 6 महीने के लिए पंचायत चुनाव टालने का विचार कर रही है। पिछले दिन ही सरकार की तरफ से अधिवक्ता ने उच्च न्यायालय में पंचायत चुनाव करवाने में असमर्थता जताई। उपाध्यक्ष ने कहा कि यदि चुनाव नहीं होंगे तो ग्रामीण जनता के छोटे से छोटे कार्य भी प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव करवाने की स्थिति नहीं है तो वर्तमान पंचायती राज के प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए।
विपन डोगरा ने स्पष्ट किया कि वह उच्च न्यायालय के किसी भी फैसले का सम्मान और समर्थन करते हैं, लेकिन सरकार को चाहिए कि तब तक मौजूदा प्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों के साथ कार्य करते रहें। उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था हमारे लोकतंत्र की नींव है और इसमें थ्री-टायर सिस्टम के तहत कार्य किए जाते हैं। इसमें ग्राम पंचायत स्थानीय स्तर पर ग्राम वासियों की समस्याओं और विकास कार्यों का संचालन करती है, पंचायत समिति ब्लॉक/तहसील स्तर पर क्षेत्रीय विकास और पंचायतों के समन्वय का कार्य करती है और जिला परिषद जिले के समग्र विकास और नीतियों के क्रियान्वयन का काम करती है। उपाध्यक्ष ने सरकार से अपील की है कि मौजूदा प्रतिनिधियों को उनकी सेवाएं जारी रखने दी जाए, ताकि पंचायतों में विकास कार्य निरंतर चल सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। पंचायत समिति धर्मशाला के उपाध्यक्ष विपन डोगरा ने कहा कि सरकार अगले 6 महीने के लिए पंचायत चुनाव टालने का विचार कर रही है। पिछले दिन ही सरकार की तरफ से अधिवक्ता ने उच्च न्यायालय में पंचायत चुनाव करवाने में असमर्थता जताई। उपाध्यक्ष ने कहा कि यदि चुनाव नहीं होंगे तो ग्रामीण जनता के छोटे से छोटे कार्य भी प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव करवाने की स्थिति नहीं है तो वर्तमान पंचायती राज के प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए।
विपन डोगरा ने स्पष्ट किया कि वह उच्च न्यायालय के किसी भी फैसले का सम्मान और समर्थन करते हैं, लेकिन सरकार को चाहिए कि तब तक मौजूदा प्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों के साथ कार्य करते रहें। उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था हमारे लोकतंत्र की नींव है और इसमें थ्री-टायर सिस्टम के तहत कार्य किए जाते हैं। इसमें ग्राम पंचायत स्थानीय स्तर पर ग्राम वासियों की समस्याओं और विकास कार्यों का संचालन करती है, पंचायत समिति ब्लॉक/तहसील स्तर पर क्षेत्रीय विकास और पंचायतों के समन्वय का कार्य करती है और जिला परिषद जिले के समग्र विकास और नीतियों के क्रियान्वयन का काम करती है। उपाध्यक्ष ने सरकार से अपील की है कि मौजूदा प्रतिनिधियों को उनकी सेवाएं जारी रखने दी जाए, ताकि पंचायतों में विकास कार्य निरंतर चल सके।
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