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बर्ड फ्लू : देहरा पोल्ट्रीफार्म से जांच को भेजे सैंपल
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देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। पौंग झील किनारे प्रवासी पक्षियों में बर्ड फ्लू के चलते जिला प्रशासन ने देहरा, ज्वाली, इंदौरा और फतेहपुर उपमंडल में चिकन, अंडे, मछली समेत पोल्ट्री उत्पादों को बेचने पर रोक लगा दी है।
एसडीएम देहरा धनबीर ठाकुर ने बताया कि बर्ड फ्लू के चलते पौंग डैम और उससे साथ लगता पूर्ण क्षेत्र पर्यटकों के घूमने और पशुओं के छोड़ने के लिए पूर्ण प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए देहरा में अंडा, मछली, चिकन बेचना पूरी तरह से अगले आदेशों तक प्रतिबंधित कर दिया गया है और जनता से भी अपील की है कि इन पदार्थों का सेवन न करें। इस फ्लू से बचकर रहें। उन्होंने कहा कि पौंग क्षेत्र में प्रवासी पक्षियों के निरंतर मरने की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन यह निर्णय लिया है। एसडीएम देहरा धनबीर ठाकुर ने बताया कि देहरा उपमंडल में 21 हजार कैटल एनिमल हैं और 25,925 भैंसें हैं। उन्होंने बताया कि देहरा उपमंडल में 70720 चूजे हैं जिनमें से एक पॉल्ट्री फार्म में ही 40 हजार चूजे हैं। वहां से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने पर ही पता लग पाएगा कि इनमें बर्ड फ्लू है या नहीं।
उन्होंने बताया कि इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं जैसे सांस लेने में समस्या, उल्टी होने का एहसास, बुखार, नाक बहना, मांसपेशियों, पेट के निचले हिस्से और सिर में दर्द रहना। यह बीमारी इंसानों में मुर्गियों और संक्रमित पक्षियों के बेहद पास रहने से होती है। यह वायरस इंसानों में आंख, नाक और मुंह के जरिये प्रवेश करता है। एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस काफी खतरनाक होता है और यह इंसानों की जान तक ले सकता है। इसलिए डॉक्टर अकसर सलाह देते हैं कि अगर बर्ड फ्लू का संक्रमण इलाके में फैला है तो अंडा, मछली एवं चिकन खानेे से कुछ समय परहेज करें। आसपास साफ-सफाई रखें और संक्रमित एरिया में मास्क लगाकर ही जाएं। उन्होंने कहा कि फ्लू की गंभीरता को देखते हुए देहरा उपमंडल में अलर्ट जारी है। उन्होंने कहा कि यदि कोई प्रतिबंधों का पालन नहीं करता या इन्हें तोड़ता हुआ पाया गया तो उसके विरुद्ध आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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एसडीएम देहरा धनबीर ठाकुर ने बताया कि बर्ड फ्लू के चलते पौंग डैम और उससे साथ लगता पूर्ण क्षेत्र पर्यटकों के घूमने और पशुओं के छोड़ने के लिए पूर्ण प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए देहरा में अंडा, मछली, चिकन बेचना पूरी तरह से अगले आदेशों तक प्रतिबंधित कर दिया गया है और जनता से भी अपील की है कि इन पदार्थों का सेवन न करें। इस फ्लू से बचकर रहें। उन्होंने कहा कि पौंग क्षेत्र में प्रवासी पक्षियों के निरंतर मरने की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन यह निर्णय लिया है। एसडीएम देहरा धनबीर ठाकुर ने बताया कि देहरा उपमंडल में 21 हजार कैटल एनिमल हैं और 25,925 भैंसें हैं। उन्होंने बताया कि देहरा उपमंडल में 70720 चूजे हैं जिनमें से एक पॉल्ट्री फार्म में ही 40 हजार चूजे हैं। वहां से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने पर ही पता लग पाएगा कि इनमें बर्ड फ्लू है या नहीं।
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उन्होंने बताया कि इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं जैसे सांस लेने में समस्या, उल्टी होने का एहसास, बुखार, नाक बहना, मांसपेशियों, पेट के निचले हिस्से और सिर में दर्द रहना। यह बीमारी इंसानों में मुर्गियों और संक्रमित पक्षियों के बेहद पास रहने से होती है। यह वायरस इंसानों में आंख, नाक और मुंह के जरिये प्रवेश करता है। एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस काफी खतरनाक होता है और यह इंसानों की जान तक ले सकता है। इसलिए डॉक्टर अकसर सलाह देते हैं कि अगर बर्ड फ्लू का संक्रमण इलाके में फैला है तो अंडा, मछली एवं चिकन खानेे से कुछ समय परहेज करें। आसपास साफ-सफाई रखें और संक्रमित एरिया में मास्क लगाकर ही जाएं। उन्होंने कहा कि फ्लू की गंभीरता को देखते हुए देहरा उपमंडल में अलर्ट जारी है। उन्होंने कहा कि यदि कोई प्रतिबंधों का पालन नहीं करता या इन्हें तोड़ता हुआ पाया गया तो उसके विरुद्ध आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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