ठाकुरद्वारा (कांगड़ा)। इंदौरा के ठाकुरद्वारा में गेहूं खरीद केंद्र सरकार की तरफ से खोला गया है, लेकिन अधिकारियों की ओर से जहां खरीद के लिए किसानों को तारीख पर तारीख मिल रही है। जिस तारीख से गेहूं खरीद केंद्र खोला जाना था, उस तारीख से नौ दिन बीत जाने के बाद भी सरकारी मंडी में खरीद शुरू नहीं हो पाई है। पंजीकरण के बाद टोकन लेकर पहुंचे पांच किसानों की किसी ने सुध नहीं ली।
प्रशासन द्वारा जिस जगह का चयन मंडी के लिए किया गया था, उसमें मिल मालिक द्वारा प्राइवेट मंडी भी लगाई गई थी। इस पर फूड कारपोरेशन के अधिकारियों ने एतराज जताया। वहीं, कृषि उपज मंडी समिति के अधिकारियों को दीवार लगाने को कहा गया, जो अधिकारियों के लिए संभव नहीं था। दोनों विभागों ने ‘अमर उजाला’ समाचार पत्र में छपी खबर के बाद अधिकारियों ने आनन-फानन में दूसरी जगह गेहूं की खरीद का प्रबंध किया। कृषि उपज मंडी समिति के सचिव राजकुमार भारद्वाज ने कहा कि हमारी तरफ से सभी प्रबंध कर लिए गए हैं। एक अन्य जगह संपर्क साधने के बाद दूसरी जगह खरीद करवाने के लिए तैयारी कर दी गई है। अब फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने उस जगह का जायजा करना है। इसके बाद जल्द खरीद शुरू हो जाएगी। कुछ किसानों ने नई जगह चयन की गई मंडी में गेहूं के ढेर लगा दिए हैं, लेकिन आज भी खरीद नहीं हो पाई। कांगड़ा जिले के अधिकारी इंदौरा में मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर व्यस्त हैं, लेकिन किसानों की हालत को सुनने वाला कोई नहीं। विकास के दावे करने वाली विधानसभा क्षेत्र इंदौरा की स्थानीय विधायक रीता धीमान भी एक बार भी किसानों की सुध लेने के लिए ठाकुरद्वारा गेहूं मंडी में नहीं पहुंची हैं। ऐसे में किसान सवाल कर रहे हैं कि इस तरह के रवैये से भाजपा सरकार कैसे किसानों की आय दोगुना करेगी।