फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   Government dispensaries are empty, patients are hit hard.

Kangra News: सरकारी डिस्पेंसरी खाली, मरीजों की जेब पर डबल मार

Sun, 24 May 2026 06:38 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 24 May 2026 06:38 AM IST
विज्ञापन
Government dispensaries are empty, patients are hit hard.
टांडा अस्पताल की डिस्पेंसरी में बुखार और बीपी तक की दवाई खत्म
विज्ञापन

गरीब वर्ग के मरीजों को हो रही भारी परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थानों में शुमार टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की सरकारी डिस्पेंसरी में इन दिनों दवाइयों का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हालात ये हैं कि मरीजों को अस्पताल से निशुल्क मिलने वाली अधिकांश जरूरी दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं और उन्हें मजबूरन निजी मेडिकल स्टोरों से महंगे दामों पर खरीदनी पड़ रही हैं।
अस्पताल पहुंच रहे मरीजों और उनके तीमारदारों का कहना है कि डिस्पेंसरी में न तो बीपी की दवाइयां उपलब्ध हैं और न ही बुखार की सामान्य दवाएं और न ही कई जरूरी जीवन रक्षक दवाइयां मौजूद हैं। ऐसे में गरीब और दूरदराज से आने वाले मरीज सबसे ज्यादा परेशान हैं। सरकारी अस्पताल में इलाज करवाने पहुंचे लोग अब दवाइयों पर अतिरिक्त खर्च उठाने के लिए मजबूर हैं। टांडा अस्पताल में जरूरी दवाइयों के अभाव में प्रदेश सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। मरीजों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर पर्ची पर दवाइयां लिख रहे हैं, लेकिन डिस्पेंसरी में स्टॉक खत्म बताकर उन्हें बाहर भेज दिया जा रहा है। रोजाना सैकड़ों मरीज निजी मेडिकल स्टोरों के चक्कर काट रहे हैं।
विज्ञापन

कई मरीजों ने यह भी कहा कि आर्थिक तंगी के चलते कुछ लोग पूरी दवाइयां तक नहीं खरीद पा रहे, जिससे उनके स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ रहा है। पहले ही टांडा में हिम केयर और आयुषमान भारत योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में अब निशुल्क दवाइयां भी न मिल पाने से मरीजों का मर्ज बढ़ता जा रहा है। तीमारदार जोगिंद्र ने बताया कि अस्पताल में न तो बुखार की दवा है और न बीपी की। इसके अलावा भी अधिकतर दवाइयों के लिए मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर का रुख करना पड़ रहा है। सरकार को चाहिए कि अस्पताल में तत्काल दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करवाई जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

- टांडा अस्पताल की सरकारी डिस्पेंसरी से जानकारी हासिल की जाएगी कि कितनी दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। - डॉ. विवेक बनियाल, एमएस, टांडा अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed