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भगवान ने तोड़ा बाणासुर का अहंकार : पं. सुमित
Tue, 02 Dec 2025 08:11 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 02 Dec 2025 08:11 AM IST
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जौड़बड़ में चल रही कथा के दौरान उपस्थित संगत। -स्रोत: आयोजक
परागपुर (कांगड़ा)। जौड़बड़ गांव में चल रही कथा के छठे दिन सोमवार को पंडित सुमित शास्त्री ने भगवान शिव की महिमा और उनके भक्तों के अहंकार को दूर करने की अद्भुत शक्ति पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित भक्तों को बाणासुर की कथा सुनाई, जिसमें भगवान शिव ने अपने परम भक्त के अहंकार को तोड़ा।
शास्त्री ने बताया कि बाणासुर ने भगवान शिव की कठिन तपस्या की और वरदान में उनसे हजार भुजाएं मांगी। अहंकारवश बाणासुर ने कहा कि दी गई भुजाएं उसके लिए बोझ बन गई हैं। तब भगवान नारायण सेना लेकर पहुंचे और सुदर्शन चक्र से उसकी भुजाओं को काटना शुरू किया। अंततः केवल चार भुजाएं बचीं और बाणासुर अपनी जान बचाकर भागा। इसके बाद पंडित शास्त्री ने भगवान शिव के भिक्षुक अवतार, शंखचूड़ व तुलसी की कथा और अंधक दैत्य की कथा भी भक्तों को सुनाई, जिससे कथा कार्यक्रम में धार्मिक और आध्यात्मिक उल्लास बना रहा।
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शास्त्री ने बताया कि बाणासुर ने भगवान शिव की कठिन तपस्या की और वरदान में उनसे हजार भुजाएं मांगी। अहंकारवश बाणासुर ने कहा कि दी गई भुजाएं उसके लिए बोझ बन गई हैं। तब भगवान नारायण सेना लेकर पहुंचे और सुदर्शन चक्र से उसकी भुजाओं को काटना शुरू किया। अंततः केवल चार भुजाएं बचीं और बाणासुर अपनी जान बचाकर भागा। इसके बाद पंडित शास्त्री ने भगवान शिव के भिक्षुक अवतार, शंखचूड़ व तुलसी की कथा और अंधक दैत्य की कथा भी भक्तों को सुनाई, जिससे कथा कार्यक्रम में धार्मिक और आध्यात्मिक उल्लास बना रहा।
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