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लंपी रोग से बचाने के लिए करवाएं टीकाकरण : डॉ. संजीव
Fri, 11 Sep 2026 01:52 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 11 Sep 2026 01:52 AM IST
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पालमपुर (कांगड़ा)। जिले में गोवंश को लंपी स्किन रोग से सुरक्षित रखने के लिए पशुपालन विभाग ने पशुपालकों के लिए जरूरी एडवाइजरी जारी की है। विभाग की ओर से इस संक्रामक बीमारी से बचाव के लिए सघन टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।
पशुपालन विभाग पालमपुर के सहायक निदेशक डॉ. संजीव कटोच ने पशुपालकों से अपील की है कि वे बीमारी से बचाव के लिए स्वस्थ पशुओं का समय पर टीकाकरण जरूर करवाएं। इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में पशु को तेज बुखार आना, भूख में भारी कमी, अत्यधिक कमजोरी, लिम्फ नोड्स में सूजन तथा शरीर की त्वचा पर सख्त गांठें (नोड्यूल्स) उभरना शामिल हैं। कई मामलों में पशुओं के पैरों में सूजन आ जाती है और दूध उत्पादन में अचानक भारी गिरावट दर्ज की जाती है। यदि किसी भी पशु में तेज बुखार, त्वचा पर गांठें या दूध में कमी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उसे अन्य पशुओं से तुरंत अलग करें और बिना देरी किए नजदीकी पशु चिकित्सालय या औषधालय में संपर्क करें।
अब तक करीब 15 हजार उच्च जोखिम वाले (हाई-रिस्क) पशुओं को टीका लगाया जा चुका है। अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए लगभग 40 हजार मवेशियों का गलघोंटू और लंगड़ा बुखार के विरुद्ध भी टीकाकरण पूरा कर लिया गया है।
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पशुपालन विभाग पालमपुर के सहायक निदेशक डॉ. संजीव कटोच ने पशुपालकों से अपील की है कि वे बीमारी से बचाव के लिए स्वस्थ पशुओं का समय पर टीकाकरण जरूर करवाएं। इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में पशु को तेज बुखार आना, भूख में भारी कमी, अत्यधिक कमजोरी, लिम्फ नोड्स में सूजन तथा शरीर की त्वचा पर सख्त गांठें (नोड्यूल्स) उभरना शामिल हैं। कई मामलों में पशुओं के पैरों में सूजन आ जाती है और दूध उत्पादन में अचानक भारी गिरावट दर्ज की जाती है। यदि किसी भी पशु में तेज बुखार, त्वचा पर गांठें या दूध में कमी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उसे अन्य पशुओं से तुरंत अलग करें और बिना देरी किए नजदीकी पशु चिकित्सालय या औषधालय में संपर्क करें।
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अब तक करीब 15 हजार उच्च जोखिम वाले (हाई-रिस्क) पशुओं को टीका लगाया जा चुका है। अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए लगभग 40 हजार मवेशियों का गलघोंटू और लंगड़ा बुखार के विरुद्ध भी टीकाकरण पूरा कर लिया गया है।
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