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फोरलेन संघर्ष समिति 28 को करेगी एसडीएम कार्यालय का घेराव
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जसूर (कांगड़ा)। फोरलेन संघर्ष समिति 28 फरवरी को नूरपुर के भू प्राधिकरण कार्यालय (एसडीएम कार्यालय) का घेराव करके रोष प्रदर्शन करेगी। इस संबंध में एसडीएम नूरपुर को फोरलेन संघर्ष समिति की ओर से जानकारी भी प्रदान कर दी गई है।
इससे पहले फोरलेन संघर्ष समिति की एक बैठक जसूर में हुई, जिसमें फोरलेन प्रभावितों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कमेटी के अतिरिक्त संबंधित विभागों के कार्यालयों को समिति की ओर से दिए गए एक सप्ताह के अल्टीमेटम की समीक्षा के पश्चात यह फैसला किया गया। समिति के अध्यक्ष पूर्व सूबेदार दरबारी सिंह की अध्यक्षता में निर्णय लेते हुए महासचिव विजय हीर, कोर कमेटी के अध्यक्ष अशोक शर्मा ने बताया कि कंडवाल से सियूनी तक के 4 दर्जन कस्बों के हजारों प्रभावित चार वर्ष से मुआवजे संबंधी विसंगतियां दूर करने की सरकार से गुहार लगा चुके हैं। सरकार व प्रशासन को संघर्ष समिति ने अल्टीमेटम दिया था कि भवन परिसरों की मुआवजा दर व अधिग्रहण नीति को सार्वजनिक किया जाए। भूमि मुआवजे की विसंगतियों को दूर करके फोरलेन एक्ट 2013 के प्रावधानों का पालन करके उसे लागू करें। लेकिन सरकार व प्रशासन की तरफ से किसी भी प्रकार का जवाब न आने के कारण समिति यह पग उठाने जा रही है।
इसके अलावा जिलाधीश कांगड़ा की ओर से भी एक माह पहले सभी संबंधित विभागों की एक बैठक बुलाकर उन्हें निर्देश दिए थे कि 5 फरवरी तक सभी मामलों का निपटारा हो जाना चाहिए। लेकिन दो सप्ताह बीत जाने पर भी विभाग कोई कार्यवाही नहीं कर पाया। बैठक में ईश्वर शर्मा, राजन, पप्पू धीमान, केवल कृष्ण ,विनय, जुगल किशोर, प्रेम सिंह आदि मौजूद थे।
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इससे पहले फोरलेन संघर्ष समिति की एक बैठक जसूर में हुई, जिसमें फोरलेन प्रभावितों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कमेटी के अतिरिक्त संबंधित विभागों के कार्यालयों को समिति की ओर से दिए गए एक सप्ताह के अल्टीमेटम की समीक्षा के पश्चात यह फैसला किया गया। समिति के अध्यक्ष पूर्व सूबेदार दरबारी सिंह की अध्यक्षता में निर्णय लेते हुए महासचिव विजय हीर, कोर कमेटी के अध्यक्ष अशोक शर्मा ने बताया कि कंडवाल से सियूनी तक के 4 दर्जन कस्बों के हजारों प्रभावित चार वर्ष से मुआवजे संबंधी विसंगतियां दूर करने की सरकार से गुहार लगा चुके हैं। सरकार व प्रशासन को संघर्ष समिति ने अल्टीमेटम दिया था कि भवन परिसरों की मुआवजा दर व अधिग्रहण नीति को सार्वजनिक किया जाए। भूमि मुआवजे की विसंगतियों को दूर करके फोरलेन एक्ट 2013 के प्रावधानों का पालन करके उसे लागू करें। लेकिन सरकार व प्रशासन की तरफ से किसी भी प्रकार का जवाब न आने के कारण समिति यह पग उठाने जा रही है।
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इसके अलावा जिलाधीश कांगड़ा की ओर से भी एक माह पहले सभी संबंधित विभागों की एक बैठक बुलाकर उन्हें निर्देश दिए थे कि 5 फरवरी तक सभी मामलों का निपटारा हो जाना चाहिए। लेकिन दो सप्ताह बीत जाने पर भी विभाग कोई कार्यवाही नहीं कर पाया। बैठक में ईश्वर शर्मा, राजन, पप्पू धीमान, केवल कृष्ण ,विनय, जुगल किशोर, प्रेम सिंह आदि मौजूद थे।
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