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अभिनय में प्रदर्शन के बजाय ईमानदारी और सच्चाई पर हो ध्यान : आदिल हुसैन
Sun, 02 Nov 2025 08:22 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 02 Nov 2025 08:22 AM IST
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मैक्लोडगंज में धर्मशाला अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के तीसरे दिन फिल्म देखते दर्शक। - स्रोत :
धर्मशाला। मैक्लोडगंज में चल रहे धर्मशाला अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के 14वें संस्करण का शनिवार को तीसरा दिन सिनेमाई विविधता, गहन संवाद और शानदार स्क्रीनिंग्स के नाम रहा। दिन का मुख्य आकर्षण अभिनेता आदिल हुसैन की मास्टरक्लास रही, जिसमें सैंकड़ों दर्शकों ने भाग लेकर उनसे अभिनय के गूढ़ पहलुओं पर सीख ली।
आदिल हुसैन ने कहा कि हजारों लोगों, कैमरे और मंच के बीच भी अपने वास्तविक स्वरूप में रह पाना एक अलग अनुभव होता है। उन्होंने कलाकारों को सलाह दी कि अभिनय में प्रदर्शन के बजाय ईमानदारी और सच्चाई पर ध्यान केंद्रित करें। इरफान खान को याद करते हुए कहा कि वह हमेशा खुद को संवेदनशील और पारदर्शी रखने की कोशिश करते थे और यही कलाकार को अलग पहचान देता है।
मास्टरक्लास के बाद आदिल हुसैन की फिल्म सीक्रेट ऑफ अ माउंटेन सर्पेंट की स्क्रीनिंग हुई। इसके उपरांत तनिष्ठा चटर्जी की फिल्म फुल प्लेट का भारतीय प्रीमियर भी दिखाया गया, जो एक गृहिणी की कहानी पर आधारित है, जो पकाने के अपने हुनर के बल पर पितृसत्तात्मक सोच को चुनौती देती है।
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इस दौरान फिल्मकार कुंसाग किरॉंग की कनाडाई मिस्ट्री ड्रामा 100 सनसेट्स और सिडनी फिल्म फेस्टिवल के सहयोग से प्रदर्शित फीचर लेस्बियन स्पेस प्रिंसेस को भी दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली। इसके अलावा रिच पेपियट की कॉमेडी ड्रामा नीकैप, कार्ला सिमोन की रोमेरीया, भारत सिंह परिहार की शीप बार्न और अर्जुन तलवार की लेटर फ्रॉम वुल्फ स्ट्रीट जैसी फिल्में भी तीसरे दिन फेस्टिवल में विशेष आकर्षण बनीं।
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आदिल हुसैन ने कहा कि हजारों लोगों, कैमरे और मंच के बीच भी अपने वास्तविक स्वरूप में रह पाना एक अलग अनुभव होता है। उन्होंने कलाकारों को सलाह दी कि अभिनय में प्रदर्शन के बजाय ईमानदारी और सच्चाई पर ध्यान केंद्रित करें। इरफान खान को याद करते हुए कहा कि वह हमेशा खुद को संवेदनशील और पारदर्शी रखने की कोशिश करते थे और यही कलाकार को अलग पहचान देता है।
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मास्टरक्लास के बाद आदिल हुसैन की फिल्म सीक्रेट ऑफ अ माउंटेन सर्पेंट की स्क्रीनिंग हुई। इसके उपरांत तनिष्ठा चटर्जी की फिल्म फुल प्लेट का भारतीय प्रीमियर भी दिखाया गया, जो एक गृहिणी की कहानी पर आधारित है, जो पकाने के अपने हुनर के बल पर पितृसत्तात्मक सोच को चुनौती देती है।
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इस दौरान फिल्मकार कुंसाग किरॉंग की कनाडाई मिस्ट्री ड्रामा 100 सनसेट्स और सिडनी फिल्म फेस्टिवल के सहयोग से प्रदर्शित फीचर लेस्बियन स्पेस प्रिंसेस को भी दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली। इसके अलावा रिच पेपियट की कॉमेडी ड्रामा नीकैप, कार्ला सिमोन की रोमेरीया, भारत सिंह परिहार की शीप बार्न और अर्जुन तलवार की लेटर फ्रॉम वुल्फ स्ट्रीट जैसी फिल्में भी तीसरे दिन फेस्टिवल में विशेष आकर्षण बनीं।