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मेले संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता के प्रतीक : कर्ण सिंह
Fri, 12 Jun 2026 11:37 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 12 Jun 2026 11:37 AM IST
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ठाकुरद्वारा (कांगड़ा)। विधानसभा क्षेत्र इंदौरा के कंदरोड़ी में आयोजित पारंपरिक मेले में जैलदार कर्ण सिंह पठानिया (माल्टू) मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने कहा कि मेले हमारी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। ऐसे पारंपरिक मेले हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
मेले ग्रामीण संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के साथ आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए आयोजकों की सराहना की और क्षेत्रवासियों से अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखने का आह्वान किया।
मेले में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया और पारंपरिक खेलों व सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद लिया। इस दौरान शिव मंदिर काठगढ़ के अध्यक्ष ओम प्रकाश कटोच, मास्टर कमल किशोर, पंकज कुमार और कुणाल पठानिया सहित अन्य उपस्थित रहे। संवाद
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मेले ग्रामीण संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के साथ आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए आयोजकों की सराहना की और क्षेत्रवासियों से अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखने का आह्वान किया।
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मेले में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया और पारंपरिक खेलों व सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद लिया। इस दौरान शिव मंदिर काठगढ़ के अध्यक्ष ओम प्रकाश कटोच, मास्टर कमल किशोर, पंकज कुमार और कुणाल पठानिया सहित अन्य उपस्थित रहे। संवाद
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