फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   Crops destroyed due to cloudburst in Barot

बरोट में बादल फटने से फसलें बरबाद

Mon, 01 Aug 2022 12:06 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Aug 2022 12:06 AM IST
विज्ञापन
Crops destroyed due to cloudburst in Barot
मुल्थान से 12 किलोमीटर दूर भुज्लिंग गांब में बाढ़ - फोटो : Kangra
धर्मशाला/मुल्थान/नगरोटा सूरिया/ बैजनाथ (कांगड़ा)। जिले में शनिवार देर रात से रविवार दोपहर तक हुई भारी बारिश ने जिला भर में कहर बरपाया। बरोट घाटी के भुज्लिंग में बादल फटने से जहां लगभग 25 लाख रुपये की नकदी फसलें बरबाद हो गई हैं, वहीं इस दौरान बरोट-मियोट और बरोट बड़ागांव सड़कें यातायात के लिए बाधित रहीं। नगरोटा सूरिया में गज खड्ड के तेज बहाव में एक ट्रैक्टर ट्राली सहित बह गया। वहीं, बैजनाथ के बिनवा नगर से पावर हाउस को जाने वाले रास्ते को बनी पुलिया बहने से 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, राजा का तालाब में कई जगहों पर पानी भरने से सड़कें जलमग्न हों गई, वहीं दुकानों और घरों में भी पानी घुसने से नुकसान हुआ है।
विज्ञापन

10 घंटे बंद रही बरोट-घटासनी सड़क
मुल्थान(कांगड़ा)। बरोट से 12 किलोमीटर दूर मुल्थान तहसील के अंतिम छोर भुज्लिंग गांव के पास कुडी नाला में रविवार सुबह 9 बजे के करीब बादल फटने से लगभग 20 बीघा जमीन में गोभी, मूली, धनिया, राजमाह और आलू की लगभग 25 लाख रुपये की फसल बर्बाद हो गई। स्वाड पंचायत के उप प्रधान सुनील कुमार ने बताया कि बादल फटने से गांव का पैदल मुख्य रास्ता कट गया है। प्रधान गुडी देवी, उप प्रधान सुनील कुमार ने सरकार से प्रभावितों को राहत प्रदान करने की मांग की है। वहीं मुल्थान तहसीलदार पीसी कौंडल ने बताया कि पटवारियों को मौके पर रहने के आदेश दिए गए हैं। वहीं नकदी की फसल बर्बाद के लिए जिला प्रशासन, एसडीएम बैजनाथ को सूचना दे दी गई है। वहीं बरोट-घटासनी मुख्या सड़क बरधान के पास स्लाइड गिरने से 10 घंटे सड़क बंद रही। वहीं भारी बारिश के कारण मुल्थान की 110 मेगावाट की शानन परियोजना में 40 हजार क्यूसिक पानी आने से रविवार सुबह 9 बजे से आठ गेट खोल दिए गए। परियोजना बंद पड़ी है। बरोट प्रधान रमेश कुमार ने कहा कि सभी लोगों को सुरक्षित रहने के निर्देश दे दिए गए हैं।
विज्ञापन

राजा का तालाब में जलमग्न हुई सड़कें
राजा का तालाब (कांगड़ा)। रविवार सुबह भारी बारिश होने से उपतहसील राजा का तालाब का क्षेत्र हर तरफ से जलमग्न हो गया। दो घंटे की तेज बारिश से अधिकतर सड़कों ने तालाब का रूप धारण कर लिया। नालियों का उचित प्रावधान न होने से राजा का तालाब-धमां-देहरी सड़क पर ग्रेटवे पब्लिक स्कूल के पास सड़क पर फैला पानी लोगों के घरों में घुस गया। राजा का तालाब के दुकानदारों और ग्रेटवे स्कूल के पास बनी कॉलोनी के लोगों का कहना है कि नालियों का उचित प्रावधान न होने से अक्सर बरसात की वजह से सड़क एक विशाल तालाब का रूप धारण कर लेती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गज्ज खड्ड में ट्रैैक्टर सहित बह गई ट्राली
नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के चलते गज्ज खड्ड में अचानक तेज बहाव से नगरोटा सूरियां में एक ट्रैक्टर सहित ट्राली पानी में बह गई। गनीमत रही कि ट्रैक्टर पर सवार चालक ने मौका रहते छलांग लगाकर खड्ड को पार कर अपनी जान बचा ली। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पानी में बहने वाला ट्रैक्टर और ट्राली पंचायत कथौली निवासी दिलावर सिंह की थी जो कि सुबह खड्ड में गया तथा खड्ड में अचानक पानी बढ़ने से वह बीच में फंस गया। बाद में पानी का बहाव तेज देख चालक ने छलांग लगाकर मुश्किल से किनारे पर पहुंचकर अपनी जान बचाई।
जसूर में भरे पानी ने दिलाई 1984 की याद
जसूर (कांगड़ा)। जसूर क्षेत्र में भरे पानी ने लोगों ने 1984 में कस्बे में भरे पानी की याद दिला दी। उस समय बाढ़ के कारण कस्बे का आधा बाजार, एक पेट्रोल पंप के जमीन के भीतर बने पेट्रोल की टंकियों की जमीन से उखाड़कर अपने साथ बहाकर ले गया था। ऐसे में रविवार को भी जसूर के जब्बर और गरेली खड्ड में आए पानी से कस्बे के लोग सहम गए। पठानकोट मंडी एनएच में सड़कों में तीन से चार फुट पानी सड़कों पर आ गया था। इस दौरान नूरपुर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर रेलवे पुल के साथ रह रहे प्रवासियों को अपनी झुग्गी- झोपड़ियों को हटाने के निर्देश दिए और लोगों को खड्डों के किनारे न जाने की सलाह दी।
विनबा नगर में पुलिया बही, 25 लाख का नुकसान
बैजनाथ (कांगड़ा)। उपमंडल में शनिवार देर शाम से शुरू हुई बारिश के कारण बिनवा नगर से पावर हाउस को जाने वाले रास्ते पर बनाई गई पुली बहने से करीब 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। ऐतिहासिक शिव मंदिर के नीचे स्थित बिनवा खड्ड में पानी आने के कारण खीर गंगा घाट पूरी तरह से जलमग्न हो गया। पानी का स्तर नीचे आने पर ही खीर गंगा घाट में नुकसान का पता चल सकेगा। हालांकि कुछ संपर्क मार्गों पर पेड़ गिरे, लेकिन मार्गों को सुचारु करवा दिया गया। एसडीएम सलीम आजम ने लोगों से खड्डों के किनारे पर ना जाने का आग्रह किया है।

नेशनल हाईवे पर पत्थर गिरने से दो घंटे बाधित रहा यातायात
नूरपुर(कांगड़ा)। मूसलाधार बारिश के चलते नेशनल हाईवे पर पत्थर गिरने से करीब दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही। जानकारी के अनुसार रविवार शाम करीब चार बजे नेशनल हाईवे पर नूरपुर के ढक्की में अचानक भूस्खलन के चलते बड़े-बड़े पत्थर गिरने से आवाजाही थम गई। इस दौरान हाईवे पर दोनों तरफ छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गई। हाईवे पर चट्टान गिरने की सूचना मिलते ही एसडीएम अनिल भारद्वाज मौके पर पहुंचे और उन्होंने नेशनल हाइवे को तुंरत ट्रैफिक बहाल करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद करीब दो घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने नूरपुर में यातायात बहाल कर दिया। इस बीच हाईवे के अवरुद्ध होने के चलते कोई अन्य वैकल्पिक मार्ग न होने के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए हाईवे खुलने का इंतजार करना पड़ा। जबकि छोटे वाहनों की आवाजाही नूरपुर बाजार से शुरू हो गई। इससे बाजार में भी यातायात व्यवस्था बाधित हुई। दूसरी तरफ हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारों के चलते जाम लगने से जेसीबी पहुंचने में समय लगा और हाईवे को बहाल करने का काम भी कुछ देरी से शुरू हो पाया।

नेशनल हाईवे पर नूरपुर के ढक्की में  बड़े-बड़े पत्थर गिरने से बंद हुई वाहनों की आवाजाही।

नेशनल हाईवे पर नूरपुर के ढक्की में बड़े-बड़े पत्थर गिरने से बंद हुई वाहनों की आवाजाही।- फोटो : Kangra

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed