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ईंटों का अवैध कारोबार करते ट्राला और दो केंटर पकड़े
Updated Sat, 24 Feb 2018 12:13 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कंडवाल (कांगड़ा)। नूरपुर उपमंडल के कंडवाल क्षेत्र में सुबह पांच बजे खाद्य आपूर्ति विभाग और आबकारी एवं कराधान विभाग की टीम ने अवैध रूप से चल रहे ईंटों के काराबोरी के यहां छापामारी की। इस छापामारी में एक ट्राले से दो ट्रकों में ईंटों की बाहरी राज्यों की ईंटों को अनलोडिंग को रंगे हाथों विभाग ने पकड़ा, लेकिन छापामारी के दौरान कारोबारी और मजदूर भागने में सफल रहे।
छापामारी खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक अजय कौंडल और आबकारी विभाग के अधिकारी करनैल की अगुवाई में की गई। उन्होंने बताया कि यह छापामारी शिकायत के आधार पर की गई है। उन्होंने बताया कि इस छापामारी में लगभग 15 हजार ईंटों से भरे एक बड़े ट्राले और दो केंटर पकड़े गए हैं, जिनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया जाएगा। कंडवाल में कुछ समय पहले ईंटों का डंप था तथा कुछ कारोबारियों को ईंटों के कारोबार का लाइसेंस सरकार ने दिया था, लेकिन पिछले साल ईंटों के कारोबार में संशोधन होने से ईंटों का कारोबार करने का हक सिर्फ उसी को है जो ईंटों का उत्पादक है। यदि दूसरे राज्य से ईंटें प्रदेश में बेचने के लिए लानी हैं तो सभी दस्तावेज पूरे होने जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि कंडवाल में ईंट माफिया अवैध रूप से पंजाब और अन्य राज्यों से ईंट लाकर कंडवाल में चोरी से ट्रकों में अनलोड कर रहे थे।
रोजाना एक लाख के राजस्व की लग रही चपत: गिरधर
इस मामले में ईंट भट्ठा उद्योग के जिला अध्यक्ष गिरधर शर्मा ने कहा कि कंडवाल क्षेत्र में विभाग के नाक तले ईंटों का अवैध कारोबार होता है, जबकि विभाग चुप था। उन्होंने कहा कि विभाग कभी कभार खाना पूर्ति के लिए एक-दो चालान कर देता था। उन्होंने कहा कि कंडवाल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर ईंटों का अवैध कारोबार हो रहा था जिससे सरकार को रोजाना लगभग एक लाख रुपये की चपत लगती थी। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से बिना जीएसटी के ईंट लाकर प्रदेश में बेची जा रही थीं। इस कारण उपमंडल का ईंट-भट्ठों का कारोबार बंद होने के कगार पर था। उन्होंने बताया कि कई बार विभाग को इस संदर्भ में अवगत किया गया, लेकिन कुछ हासिल नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ईंट भट्ठा कारोबारी इस संदर्भ में विधायक राकेश पठानिया से मिले थे और सारे मामले पर अवगत कराया था। विधायक ने आश्वासन दिया था कि ईंट कारोबारियों और प्रदेश सरकार को राजस्व का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कंडवाल में ईंट माफिया पर कार्रवाई स्वागत योग्य है सरकार तथा विधायक से मांग है कि भविष्य में कंडवाल में ईंट माफिया पर ऐसी कार्रवाई निरंतर जारी रखी जाए।
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कंडवाल (कांगड़ा)। नूरपुर उपमंडल के कंडवाल क्षेत्र में सुबह पांच बजे खाद्य आपूर्ति विभाग और आबकारी एवं कराधान विभाग की टीम ने अवैध रूप से चल रहे ईंटों के काराबोरी के यहां छापामारी की। इस छापामारी में एक ट्राले से दो ट्रकों में ईंटों की बाहरी राज्यों की ईंटों को अनलोडिंग को रंगे हाथों विभाग ने पकड़ा, लेकिन छापामारी के दौरान कारोबारी और मजदूर भागने में सफल रहे।
छापामारी खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक अजय कौंडल और आबकारी विभाग के अधिकारी करनैल की अगुवाई में की गई। उन्होंने बताया कि यह छापामारी शिकायत के आधार पर की गई है। उन्होंने बताया कि इस छापामारी में लगभग 15 हजार ईंटों से भरे एक बड़े ट्राले और दो केंटर पकड़े गए हैं, जिनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया जाएगा। कंडवाल में कुछ समय पहले ईंटों का डंप था तथा कुछ कारोबारियों को ईंटों के कारोबार का लाइसेंस सरकार ने दिया था, लेकिन पिछले साल ईंटों के कारोबार में संशोधन होने से ईंटों का कारोबार करने का हक सिर्फ उसी को है जो ईंटों का उत्पादक है। यदि दूसरे राज्य से ईंटें प्रदेश में बेचने के लिए लानी हैं तो सभी दस्तावेज पूरे होने जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि कंडवाल में ईंट माफिया अवैध रूप से पंजाब और अन्य राज्यों से ईंट लाकर कंडवाल में चोरी से ट्रकों में अनलोड कर रहे थे।
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रोजाना एक लाख के राजस्व की लग रही चपत: गिरधर
इस मामले में ईंट भट्ठा उद्योग के जिला अध्यक्ष गिरधर शर्मा ने कहा कि कंडवाल क्षेत्र में विभाग के नाक तले ईंटों का अवैध कारोबार होता है, जबकि विभाग चुप था। उन्होंने कहा कि विभाग कभी कभार खाना पूर्ति के लिए एक-दो चालान कर देता था। उन्होंने कहा कि कंडवाल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर ईंटों का अवैध कारोबार हो रहा था जिससे सरकार को रोजाना लगभग एक लाख रुपये की चपत लगती थी। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों से बिना जीएसटी के ईंट लाकर प्रदेश में बेची जा रही थीं। इस कारण उपमंडल का ईंट-भट्ठों का कारोबार बंद होने के कगार पर था। उन्होंने बताया कि कई बार विभाग को इस संदर्भ में अवगत किया गया, लेकिन कुछ हासिल नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ईंट भट्ठा कारोबारी इस संदर्भ में विधायक राकेश पठानिया से मिले थे और सारे मामले पर अवगत कराया था। विधायक ने आश्वासन दिया था कि ईंट कारोबारियों और प्रदेश सरकार को राजस्व का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कंडवाल में ईंट माफिया पर कार्रवाई स्वागत योग्य है सरकार तथा विधायक से मांग है कि भविष्य में कंडवाल में ईंट माफिया पर ऐसी कार्रवाई निरंतर जारी रखी जाए।
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