{"_id":"61fc14a5d8c6bf26c230e253","slug":"contract-workers-strike-kangra-news-sml3985195139","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनुबंध कर्मियों की हड़ताल से जिला कांगड़ा में कोरोना जांच घटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनुबंध कर्मियों की हड़ताल से जिला कांगड़ा में कोरोना जांच घटी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धर्मशाला। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे अनुबंध कर्मचारियों ने स्थायी नीति को लेकर वीरवार से काम छोड़ो आंदोलन शुरू कर दिया है। कर्मचारी वीरवार को जोनल अस्पताल धर्मशाला के बाहर काम छोड़ो आंदोलन पर बैठे रहे। इसमें जोनल अस्पताल और सीएमओ कार्यालय में सेवाएं दे रहे कर्मचारी भी शामिल रहे। इसके अलावा कांगड़ा के अन्य अस्पतालों में भी कर्मी हड़ताल पर बैठ गए हैं।
कर्मियों की हड़ताल का प्रभाव कोरोना सैंपलिंंग और जांच पर पड़ा है। बुधवार को भी इन कर्मियों की हड़ताल के चलते जिला कांगड़ा में 900 के करीब लोगों की ही कोरोना जांच हो पाई है, जो पहले 2500 से तीन हजार हो रही थी। इसके अलावा भी सीएमओ और बीएमओ कार्यालयों में काफी काम प्रभावित हुआ है। वीरवार को बारिश के बावजूद एनएचएम कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला महासचिव बख्शीश सिंह ने कहा कि लंबे समय से कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से आज दिन तक इन कर्मचारियों के लिए कोई स्थायी नीति नहीं बनाई गई है। उन्होंने कहा कि कई बार इस वर्ग को नियमित करने और स्थायी नीति बनाने की मांग को उठाया गया, लेकिन सरकार ने आज दिन तक कोई गौर नहीं किया। उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा में 206 के करीब अनुबंध कर्मचारी हैं, जो अपनी सेवाएं स्वास्थ्य विभाग में दे रहे हैं। उन्होंने सरकार को चेताया कि जब तक उनके लिए स्थायी नीति नहीं बनाई जाती, तब तक यह काम छोड़ो हड़ताल जारी रहेगी। उधर, एनएचएम अनुबंध कर्मचारियों की हड़ताल का अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने भी स्वागत किया है। महासंघ के जिलाध्यक्ष कांगड़ा अजय खट्टा ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अनुबंध कर्मचारियों का समर्थन करते हुए कहा कि अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष अश्विनी ठाकुर के नेतृत्व में इनकी मांगों को शीघ्र मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। वीरवार को धर्मशाला अस्पताल में 20 के करीब कर्मचारी काम छोड़ो आंदोलन पर बैठे रहे।
विज्ञापन
कर्मियों की हड़ताल का प्रभाव कोरोना सैंपलिंंग और जांच पर पड़ा है। बुधवार को भी इन कर्मियों की हड़ताल के चलते जिला कांगड़ा में 900 के करीब लोगों की ही कोरोना जांच हो पाई है, जो पहले 2500 से तीन हजार हो रही थी। इसके अलावा भी सीएमओ और बीएमओ कार्यालयों में काफी काम प्रभावित हुआ है। वीरवार को बारिश के बावजूद एनएचएम कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। एनएचएम कर्मचारी संघ के जिला महासचिव बख्शीश सिंह ने कहा कि लंबे समय से कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से आज दिन तक इन कर्मचारियों के लिए कोई स्थायी नीति नहीं बनाई गई है। उन्होंने कहा कि कई बार इस वर्ग को नियमित करने और स्थायी नीति बनाने की मांग को उठाया गया, लेकिन सरकार ने आज दिन तक कोई गौर नहीं किया। उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा में 206 के करीब अनुबंध कर्मचारी हैं, जो अपनी सेवाएं स्वास्थ्य विभाग में दे रहे हैं। उन्होंने सरकार को चेताया कि जब तक उनके लिए स्थायी नीति नहीं बनाई जाती, तब तक यह काम छोड़ो हड़ताल जारी रहेगी। उधर, एनएचएम अनुबंध कर्मचारियों की हड़ताल का अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने भी स्वागत किया है। महासंघ के जिलाध्यक्ष कांगड़ा अजय खट्टा ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अनुबंध कर्मचारियों का समर्थन करते हुए कहा कि अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष अश्विनी ठाकुर के नेतृत्व में इनकी मांगों को शीघ्र मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। वीरवार को धर्मशाला अस्पताल में 20 के करीब कर्मचारी काम छोड़ो आंदोलन पर बैठे रहे।
विज्ञापन