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मुख्यमंत्री स्वयं लें संज्ञान, दोषी मंत्री को पद से हटाएं : परमार
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विपिन सिंह परमार। फाइल फोटो।
धर्मशाला। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने शिमला में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों के साथ हुई मारपीट की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दोषी मंत्री को तत्काल पद से हटाने की मांग की है।
बुधवार को जारी प्रेस बयान में परमार ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग्रह किया कि वे स्वयं इस मामले में संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करें। घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी मुख्यमंत्री से इस बारे में बात की है।
परमार ने कहा कि यह अत्यंत शर्मनाक है कि एनएचएआई के दो अधिकारियों को एक मंत्री, प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में पहले बुलाया गया, फिर मीडिया कर्मियों को धमकाकर उनके कैमरे बंद करवाए गए। इसके बाद दोनों अधिकारियों को एक कमरे में बंद करके पीटा गया।मारपीट यहीं नहीं रुकी, बल्कि कमरे के बाहर भी मंत्री के समर्थकों ने अधिकारियों को पीटा और उन पर गमले तक फेंके गए। इस हमले में दोनों अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। परमार ने यह भी कहा कि अब पीड़ितों पर दबाव बनाकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
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बुधवार को जारी प्रेस बयान में परमार ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग्रह किया कि वे स्वयं इस मामले में संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करें। घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी मुख्यमंत्री से इस बारे में बात की है।
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परमार ने कहा कि यह अत्यंत शर्मनाक है कि एनएचएआई के दो अधिकारियों को एक मंत्री, प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में पहले बुलाया गया, फिर मीडिया कर्मियों को धमकाकर उनके कैमरे बंद करवाए गए। इसके बाद दोनों अधिकारियों को एक कमरे में बंद करके पीटा गया।मारपीट यहीं नहीं रुकी, बल्कि कमरे के बाहर भी मंत्री के समर्थकों ने अधिकारियों को पीटा और उन पर गमले तक फेंके गए। इस हमले में दोनों अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। परमार ने यह भी कहा कि अब पीड़ितों पर दबाव बनाकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
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