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Kangra News: बरसात के बाद शुरू होगा शीला चौक से पासू तक मांझी खड्ड का तटीकरण कार्य
Mon, 29 Apr 2024 01:20 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 29 Apr 2024 01:20 AM IST
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धर्मशाला। इस बरसात के बाद विधानसभा क्षेत्र धर्मशाला के तहत शीला चौक से पासू तक मांझी खड्ड के तटीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके लिए जल शक्ति विभाग की ओर से आचार संहिता से पहले टेंडर लगा दिया गया था। अब बाकी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद मांझी खड्ड के किनारों पर क्रेट लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा। जहां-जहां बाढ़ के कारण सड़क और किसानों की भूमि का कटाव हुआ था उन स्थानों को विभाग की ओर से चयनित कर लिया गया है। बाढ़ के दौरान मांझी खड्ड में सड़कें और लोगों की भूमि न बहे, इसके लिए शीला चौक से पासू तक मांझी खड्ड के दोनों किनारों का तटीकरण किया जाएगा।
खड्ड के दोनों किनारों पर क्रेट लगाए जाएंगे, जिससे की बरसात के दौरान किसी प्रकार का नुकसान न हो सके। 9.82 करोड़ रुपये की लागत से मांझी खड्ड का तटीकरण होगा, इसके लिए जल शक्ति विभाग को मंजूरी मिल गई है। विभाग की ओर से टेंडर लगा दिया गया है और अन्य औपचारिकताओं के बाद बरसात खत्म होते ही कार्य शुरू किया जाएगा। यह बजट विभाग को आपदा प्रबंधन के तहत मिला है।
जानकारी के अनुसार 12 जुलाई, 2021 को मांझी खड्ड में आई भारी बाढ़ के कारण शीला चौक से लेकर चैतड़ू तक गई जगह सड़क बाढ़ में बह गई थी। वहीं, कई स्थानों पर किसानों की उपजाऊ जमीन भी बाढ़ की जद में आने से खड्ड में बह गई थी। इस दौरान लोगों, विभाग और पासू स्कूल को भारी नुकसान पहुंचा था। चैतड़ू में तो करीब छह मकान बाढ़ की चपेट में आने से बह गए थे। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए जल शक्ति विभाग ने प्रदेश सरकार और आपदा प्रबंधन के तहत इस मांझी खड्ड के तटीकरण के लिए बजट मांगा था, जो अप्रूव हो गया है। शीला चौक से नीचे एक निजी होटल के पास से पासू तक खड्ड के दोनों किनारों पर क्रेट लगाए जाएंगे। जहां खतरा अधिक है और जमीन की बह गई हो वहां विभाग की ओर से खड्ड के दोनों किनारों पर ऐसे स्थानों को चिह्नित कर लिया गया है।
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खड्ड के दोनों ओर क्रेट लगने से बाढ़ के दौरान तबाही भी कम होगी और बाढ़ से पानी से सड़कों के किनारे भी नहीं बहेंगे। वहीं, लोगों को उपजाऊ जमीन को भी सुरक्षा मिल सकेगी। खड्ड का तटीकरण न होने के कारण 12 जुलाई, 2021 को बाढ़ का सारा पानी पासू के प्राइमरी स्कूल की ओर चला गया था, जिससे स्कूल को काफी क्षति पहुंची थी। वहीं, साथ लगता मैदान भी खड्ड में तबदील हो गया था।
- शीला चौक से पासू तक मांझी खड्ड का तटीकरण किया जाएगा, इसके लिए सरकार की ओर आपदा के तहत 9.82 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। बरसात खत्म होने के बाद क्रेट लगाने का कार्य शुरु किया जाएगा। आचार संहिता से पहले टेंडर लगा दिया गया था। अन्य औपचारिकताओं को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
- सुमित कटोच, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग, मंडल धर्मशाला
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खड्ड के दोनों किनारों पर क्रेट लगाए जाएंगे, जिससे की बरसात के दौरान किसी प्रकार का नुकसान न हो सके। 9.82 करोड़ रुपये की लागत से मांझी खड्ड का तटीकरण होगा, इसके लिए जल शक्ति विभाग को मंजूरी मिल गई है। विभाग की ओर से टेंडर लगा दिया गया है और अन्य औपचारिकताओं के बाद बरसात खत्म होते ही कार्य शुरू किया जाएगा। यह बजट विभाग को आपदा प्रबंधन के तहत मिला है।
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जानकारी के अनुसार 12 जुलाई, 2021 को मांझी खड्ड में आई भारी बाढ़ के कारण शीला चौक से लेकर चैतड़ू तक गई जगह सड़क बाढ़ में बह गई थी। वहीं, कई स्थानों पर किसानों की उपजाऊ जमीन भी बाढ़ की जद में आने से खड्ड में बह गई थी। इस दौरान लोगों, विभाग और पासू स्कूल को भारी नुकसान पहुंचा था। चैतड़ू में तो करीब छह मकान बाढ़ की चपेट में आने से बह गए थे। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए जल शक्ति विभाग ने प्रदेश सरकार और आपदा प्रबंधन के तहत इस मांझी खड्ड के तटीकरण के लिए बजट मांगा था, जो अप्रूव हो गया है। शीला चौक से नीचे एक निजी होटल के पास से पासू तक खड्ड के दोनों किनारों पर क्रेट लगाए जाएंगे। जहां खतरा अधिक है और जमीन की बह गई हो वहां विभाग की ओर से खड्ड के दोनों किनारों पर ऐसे स्थानों को चिह्नित कर लिया गया है।
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खड्ड के दोनों ओर क्रेट लगने से बाढ़ के दौरान तबाही भी कम होगी और बाढ़ से पानी से सड़कों के किनारे भी नहीं बहेंगे। वहीं, लोगों को उपजाऊ जमीन को भी सुरक्षा मिल सकेगी। खड्ड का तटीकरण न होने के कारण 12 जुलाई, 2021 को बाढ़ का सारा पानी पासू के प्राइमरी स्कूल की ओर चला गया था, जिससे स्कूल को काफी क्षति पहुंची थी। वहीं, साथ लगता मैदान भी खड्ड में तबदील हो गया था।
- शीला चौक से पासू तक मांझी खड्ड का तटीकरण किया जाएगा, इसके लिए सरकार की ओर आपदा के तहत 9.82 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। बरसात खत्म होने के बाद क्रेट लगाने का कार्य शुरु किया जाएगा। आचार संहिता से पहले टेंडर लगा दिया गया था। अन्य औपचारिकताओं को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
- सुमित कटोच, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग, मंडल धर्मशाला