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Kangra News: ऑटोमेटेड टेस्टिंग पर रार, सीएम की चौखट पर पहुंचे बस-ट्रक ऑपरेटर
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देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। प्रदेश सरकार की ओर से वाहनों की फिटनेस जांच के लिए स्थापित किए जा रहे ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) का विरोध अब तेज होने लगा है। जिला कांगड़ा के ट्रक और निजी बस ऑपरेटरों ने इस नई व्यवस्था को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात की। जिला कांगड़ा ट्रक यूनियन के अध्यक्ष मोहिंद्र सिंह और निजी बस यूनियन के अध्यक्ष हैप्पी अवस्थी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शिमला में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
यूनियन नेताओं का तर्क है कि नई व्यवस्था से कांगड़ा जिले के पांच प्रमुख उपमंडलों के सैकड़ों वाहन मालिकों पर सीधा और गहरा आर्थिक असर पड़ेगा। मोहिंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि ऑटोमेटेड मशीनों के जरिये होने वाली पासिंग प्रक्रिया बेहद जटिल है, जिससे पुराने वाहनों के मालिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि एटीएस के जरिये पासिंग की प्रक्रिया को अनिवार्य के बजाय वैकल्पिक बनाया जाए। वाहन मालिकों को यह विकल्प मिलना चाहिए कि वे पुरानी मैन्युअल पद्धति या नई मशीन आधारित पद्धति में से किसी एक को चुन सकें। मोहिंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और इस मामले में उचित विचार करने का आश्वासन दिया है।
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यूनियन नेताओं का तर्क है कि नई व्यवस्था से कांगड़ा जिले के पांच प्रमुख उपमंडलों के सैकड़ों वाहन मालिकों पर सीधा और गहरा आर्थिक असर पड़ेगा। मोहिंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि ऑटोमेटेड मशीनों के जरिये होने वाली पासिंग प्रक्रिया बेहद जटिल है, जिससे पुराने वाहनों के मालिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि एटीएस के जरिये पासिंग की प्रक्रिया को अनिवार्य के बजाय वैकल्पिक बनाया जाए। वाहन मालिकों को यह विकल्प मिलना चाहिए कि वे पुरानी मैन्युअल पद्धति या नई मशीन आधारित पद्धति में से किसी एक को चुन सकें। मोहिंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और इस मामले में उचित विचार करने का आश्वासन दिया है।
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