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Kangra News: रैहन स्कूल में नशे के विरुद्ध किया जागरूक
Sat, 09 May 2026 01:37 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 09 May 2026 01:37 AM IST
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रैहन (कांगड़ा)। प्रदेश सरकार के सेफगार्ड अभियान के तहत सीआरसी वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रैहन में नशा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 136 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लेकर स्वास्थ्य, नशे से इंकार करने के कौशल तथा सकारात्मक जीवन विकल्पों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। विशेषज्ञों और शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नशा मुक्त समाज का संदेश प्रत्येक विद्यार्थी तक प्रभावी रूप से पहुंचे। हाल ही में आयोजित एन-कोर्ड बैठक में चर्चा किए गए उद्देश्यों के अनुरूप यह पहल सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से नशे के दुरुपयोग पर निगरानी रखने और उसे रोकने के सामूहिक प्रयासों को मजबूत करेगी।उन्होंने कहा कि युवाओं को सही दिशा देने के लिए जीवन कौशल शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विद्यालयों और महाविद्यालयों के सहयोग से विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इस मिशन में सहयोग और समर्पण के लिए डब्ल्यूआरएस राजकीय पीजी कॉलेज देहरी के प्रधानाचार्य, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की भूमिका की भी सराहना की गई।
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विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। विशेषज्ञों और शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है।
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विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नशा मुक्त समाज का संदेश प्रत्येक विद्यार्थी तक प्रभावी रूप से पहुंचे। हाल ही में आयोजित एन-कोर्ड बैठक में चर्चा किए गए उद्देश्यों के अनुरूप यह पहल सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से नशे के दुरुपयोग पर निगरानी रखने और उसे रोकने के सामूहिक प्रयासों को मजबूत करेगी।उन्होंने कहा कि युवाओं को सही दिशा देने के लिए जीवन कौशल शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विद्यालयों और महाविद्यालयों के सहयोग से विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इस मिशन में सहयोग और समर्पण के लिए डब्ल्यूआरएस राजकीय पीजी कॉलेज देहरी के प्रधानाचार्य, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की भूमिका की भी सराहना की गई।
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