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Kangra News: फल विक्रय केंद्र को सरकार की मंजूरी का इंतजार, आम बेचने को भटक रहे बागवान

Mon, 22 Jul 2024 01:53 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा Updated Mon, 22 Jul 2024 01:53 AM IST
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Awaiting government's approval for fruit selling center, gardeners are wandering to sell mangoes.
धर्मशाला। जिला कांगड़ा में इस बार फलों के राजा आम की बंपर फसल है, लेकिन उन्हें बेचने के लिए इस बार सरकार की ओर से कोई भी फल विक्रय केंद्र न खोलने से बागवानों की परेशानी बढ़ गई हैं। उन्हें चिंता सताने लगी है कि अब अपनी आम की फसल को कहां बेचेंगे। उद्यान विभाग ने केंद्र खोलने का प्रोपोजल सरकार को भेजा था, लेकिन अभी तक इसकी मंजूरी नहीं मिल पाई है। पहले आम के पेड़ों पर फूल आने के समय बारिश न होने से बागवान परेशान थे और अब जब आम की फसल पूरी तरह से तैयार हो गई है तो अब उन्हें बेचने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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कांगड़ा जिला के नूरपुर, इंदौरा क्षेत्र में सबसे अधिक आम के बाग हैं और इस बार आम का उत्पादन भी पिछले साल से अधिक है। वर्ष 2023 में जिला कांगड़ा में 16,800 मीट्रिक टन आम का उत्पादन हुआ था। वहीं, इस साल पैदावार अधिक होने से 23 हजार मीट्रिक टन आम की फसल की उम्मीद है। मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के तहत उद्यान विभाग की ओर हर साल हिमफेड और एचपीएमसी के फल विक्रय केंद्र खोलने के लिए सरकार को प्रपोजल भेजा जाता है और जिले भर में करीब 12 केंद्र खोले जाते हैं, लेकिन इस बार प्रपोजल भेजने के बाद भी सरकार की ओर से कोई मंजूरी नहीं दी गई है। सरकार के इस सुस्त रवैये का खामियाजा बागवानों को झेलना पड़ रहा है। एक तरह सरकार फलदार पौधे लगाने के लिए किसानों को जागरूक कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर फल विक्रय केंद्र न खोल कर बागवानों के साथ गलत किया जा रहा है। बागवानों का कहना है कि समय रहते फल विक्रय केंद्र नहीं खोले गए तो आम की फसल पेड़ों पर ही पक जाएगी और इसके बाद खराब हो जाएगी, जिससे उन्हें काफी नुकसान झेलना पड़ सकता है।
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जिले में आम की कई प्रजातियां हैं, जिनमें दशहरी, लंगड़ा, मलिका, फजली, चौसा, अमरपाली, अल्फांसो, बांबेग्रीन, रामकेला आदि किस्में उगाईं जाती हैं। दशहरी आम का सीजन जून के आखिरी सप्ताह से शुरू होकर अगस्त तक चलता है। जिला कांगड़ा के नूरपुर क्षेत्र में जौंटा, खेल, भडवार, नागनी, सदवां-सुल्याली, जाच्छ, बासा, गनोह, राजा का तालाब, रैहन, छत्तर, गोलवां, दिनी, समलेट, इंदपुर, इंदौरा, डागला, डाह कुलाड़ा और कंदरोड़ी समेत विभिन्न स्थानों पर आम के बगीचे हैं। यहां हर साल आम की भारी पैदावार होती है। इसके अलावा अन्य हिस्सों में भी आम की फसल होती है।
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किसान बृज मोहन, सरदारी लाल, करनैल सिंह, हाकम सिंह, प्रीतम चंद, संजय कुमार और अर्जुन कुमार आदि का कहना है कि सरकार और विभाग को जल्द जिले भर में फल विक्रय केंद्र खोलने चाहिए, जहां किसान आम को अच्छे दामों पर अपने क्षेत्र में ही बेच सकें। केंद्र खुलने से किसानों को घर के पास सुविधा मिल जाएगी। इस बार आम की फसल अच्छी है और समय रहते सरकार को निर्णय लेना चाहिए।


- जिला कांगड़ा में इस बार आम की बंपर फसल है और इस बार करीब 23 हजार मीट्रिक टन उत्पादन की उम्मीद है। उद्यान विभाग की ओर से फल विक्रय केंद्र खोलने के लिए सरकार को प्रपोजल भेजा गया है। जैसे ही सरकार से अनुमति मिल जाएगी तो डिमांड के हिसाब से फल विक्रय केंद्र खोले जाएंगे।
- कमलशील नेगी, उपनिदेशक, उद्यान विभाग, जिला कांगड़ा
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