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Kangra News: धरातल पर प्रशासन नाकाम...आसमान से बरसी संजीवनी
Sat, 28 Sep 2024 04:09 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 28 Sep 2024 04:09 AM IST
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सूखने की कगार में पर मैक्लोडगंज की डलझील। संवाद
धर्मशाला। प्रदेश के हजारों लोगों के आस्था का केंद्र मैक्लोडगंज की पवित्र डल झील में हो रहे रिसाव के चलते मछलियों को बचाने में जहां अभी तक प्रशासन कोई प्रयास नहीं कर पाया है, लेकिन भगवान ने उनकी जान बचाने के लिए बारिश कर थोड़ी से राहत जरूर दी है।
करीब चार दिन पहले एसडीएम धर्मशाला में बैठक कर नगर निगम को डल झील में हो रहे रिसाव के चलते कम हो जल स्तर के चलते मछलियों को बचाने के लिए पानी के स्रोत के पास छोटा तालाब बनाने के लिए कहा था। ताकि झील की हजारों मछलियों को बचाया जा सके, लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी डल झील में कोई तालाब नहीं बनाया गया है। हालांकि बुधवार से शुक्रवार तक हुई बारिश में डल झील में पानी भर गया, इससे मछलियों की जान बच सकी।
2017 से मैक्लोडगंज की डल झील में रिसाव हो रहा है, जिसके चलते यह खाली हो जाती है। एक बार तो प्रशासन ने मछलियों को खड्ड में शिफ्ट कर दिया था। ताकि इनकी जान बच सके। अभी तक डल झील के रिसाव को रोकने के लिए सरकार और प्रशासन की ओर 4.67 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके है, लेकिन इसके परिणाम शून्य ही नजर आ रहे है। वहीं, लोगों ने भी कई बार इस डल झील के रिसाव को रोकने के लिए सरकारों को गुहार भी लगाई है। इस बार भी 11 सितंबर को हुए राधाष्टमी के शाही स्नान से पहले झील में रिसाव शुरू हो गया था। स्नान को सफल बनाने के लिए इसमें जल शक्ति विभाग की ओर टैंक से पानी छोड़ कर झील को भरा गया, लेकिन अब डल झील सूखने की कगार पर पहुंच गई है।
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एसडीएम धर्मशाला में संजीव भोट ने कहा कि डल झील में छोटा तालाब बनाने के लिए नगर निगम के कर्मचारियों को बोला था। अब लोक निर्माण विभाग से मछलियों को बचाने के लिए छोटा तालाब बनाने के लिए कहा जाएगा। ताकि झील की मछलियों को बचाया जा सके।
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करीब चार दिन पहले एसडीएम धर्मशाला में बैठक कर नगर निगम को डल झील में हो रहे रिसाव के चलते कम हो जल स्तर के चलते मछलियों को बचाने के लिए पानी के स्रोत के पास छोटा तालाब बनाने के लिए कहा था। ताकि झील की हजारों मछलियों को बचाया जा सके, लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी डल झील में कोई तालाब नहीं बनाया गया है। हालांकि बुधवार से शुक्रवार तक हुई बारिश में डल झील में पानी भर गया, इससे मछलियों की जान बच सकी।
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2017 से मैक्लोडगंज की डल झील में रिसाव हो रहा है, जिसके चलते यह खाली हो जाती है। एक बार तो प्रशासन ने मछलियों को खड्ड में शिफ्ट कर दिया था। ताकि इनकी जान बच सके। अभी तक डल झील के रिसाव को रोकने के लिए सरकार और प्रशासन की ओर 4.67 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके है, लेकिन इसके परिणाम शून्य ही नजर आ रहे है। वहीं, लोगों ने भी कई बार इस डल झील के रिसाव को रोकने के लिए सरकारों को गुहार भी लगाई है। इस बार भी 11 सितंबर को हुए राधाष्टमी के शाही स्नान से पहले झील में रिसाव शुरू हो गया था। स्नान को सफल बनाने के लिए इसमें जल शक्ति विभाग की ओर टैंक से पानी छोड़ कर झील को भरा गया, लेकिन अब डल झील सूखने की कगार पर पहुंच गई है।
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एसडीएम धर्मशाला में संजीव भोट ने कहा कि डल झील में छोटा तालाब बनाने के लिए नगर निगम के कर्मचारियों को बोला था। अब लोक निर्माण विभाग से मछलियों को बचाने के लिए छोटा तालाब बनाने के लिए कहा जाएगा। ताकि झील की मछलियों को बचाया जा सके।