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Kangra News: कुएं से पानी लाने गए 10वीं के छात्र की सर्पदंश से मौत
Wed, 05 Nov 2025 01:47 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 05 Nov 2025 01:47 AM IST
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कोटला (कांगड़ा)। क्षेत्र की ग्राम पंचायत पधर के सरहंडी गांव में कुएं से पीने का पानी लाने गए 16 वर्षीय आगम शर्मा की सर्पदंश से मौत हो गई। आगम दसवीं कक्षा में पढ़ता था। किशोर की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। यह घटना केवल एक पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि इसने गांव में जल आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरहंडी गांव में पीने के पानी की किल्लत कितनी भयानक है, इसका प्रमाण यह है कि आगम शर्मा को रोजाना घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित कुएं से पानी लेने जाना पड़ता था। मंगलवार को भी वह पानी लाने गया था। इस दौरान रास्ते में उसे सांप ने डस लिया। परिवार के सदस्य उसे तुरंत नागरिक अस्पताल शाहपुर ले आए, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों के साथ ही पंचायत प्रधान ने आरोप लगाया है कि सिस्टम की लापरवाही के कारण आगम की जान गई है। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग की ओर से नलकों में नियमित पानी आता तो किशोर को जान जोखिम में डालकर कुएं तक नहीं जाना पड़ता और उसकी जान बच सकती थी। स्थानीय समाजसेवी रणजीत शर्मा ने कहा कि यह विभागीय विफलता है। सरकार से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने और मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।
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प्रधान का आरोप, महीने में एक-दो बार आता है पानी
ग्रामीणों के आक्रोश को प्रमुखता देते हुए पंचायत प्रधान तिलक राज ने सीधे जल शक्ति विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रधान ने कहा कि गांव के नलकों में महीने में सिर्फ एक या दो बार ही पानी आता है। यदि गांव में नियमित जल आपूर्ति होती तो आगम को 500 मीटर दूर कुएं से पानी लाने नहीं जाना पड़ता और उसकी जान बच सकती थी। विभाग की इस उपेक्षापूर्ण कार्यशैली के कारण ही यह हादसा हुआ है।
जल आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल
यह घटना दर्शाती है कि जल जीवन मिशन जैसे सरकारी दावों के बावजूद दूरदराज के गांवों में बुनियादी सुविधाएं कितनी लचर हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे विभाग के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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सरहंडी गांव में पीने के पानी की किल्लत कितनी भयानक है, इसका प्रमाण यह है कि आगम शर्मा को रोजाना घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित कुएं से पानी लेने जाना पड़ता था। मंगलवार को भी वह पानी लाने गया था। इस दौरान रास्ते में उसे सांप ने डस लिया। परिवार के सदस्य उसे तुरंत नागरिक अस्पताल शाहपुर ले आए, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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ग्रामीणों के साथ ही पंचायत प्रधान ने आरोप लगाया है कि सिस्टम की लापरवाही के कारण आगम की जान गई है। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग की ओर से नलकों में नियमित पानी आता तो किशोर को जान जोखिम में डालकर कुएं तक नहीं जाना पड़ता और उसकी जान बच सकती थी। स्थानीय समाजसेवी रणजीत शर्मा ने कहा कि यह विभागीय विफलता है। सरकार से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने और मामले की न्यायिक जांच की मांग की है।
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प्रधान का आरोप, महीने में एक-दो बार आता है पानी
ग्रामीणों के आक्रोश को प्रमुखता देते हुए पंचायत प्रधान तिलक राज ने सीधे जल शक्ति विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रधान ने कहा कि गांव के नलकों में महीने में सिर्फ एक या दो बार ही पानी आता है। यदि गांव में नियमित जल आपूर्ति होती तो आगम को 500 मीटर दूर कुएं से पानी लाने नहीं जाना पड़ता और उसकी जान बच सकती थी। विभाग की इस उपेक्षापूर्ण कार्यशैली के कारण ही यह हादसा हुआ है।
जल आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल
यह घटना दर्शाती है कि जल जीवन मिशन जैसे सरकारी दावों के बावजूद दूरदराज के गांवों में बुनियादी सुविधाएं कितनी लचर हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे विभाग के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।