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अब आई केयर यूनिट में होगा मरीजों का उपचार
Updated Thu, 17 May 2018 12:10 AM IST
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अब आई केयर यूनिट में होगा मरीजों का इलाज
धर्मशाला अस्पताल प्रबंधन ने लिया फैसला
नेत्र ओपीडी में डॉक्टर न होने पर बाहर भेजे जाएंगे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। नेत्र रोग ओपीडी में चिकित्सक न होने पर अब आंखों के मरीजों को निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में नहीं जाना पड़ेगा। धर्मशाला अस्पताल प्रबंधन अब आंखों के मरीजों को परिसर में स्थित आई केयर यूनिट में उपचार के लिए भेजेगा। धर्मशाला अस्पताल परिसर में ही स्वास्थ्य विभाग का आई केयर यूनिट है, जिसका संचालन अस्पताल प्रबंधन नहीं करता है। वह मुख्य चिकित्सा अधिकारी के दायरे में आता है। अस्पताल में नेत्र ओपीडी में जिस दिन चिकित्सक नहीं होंगे, उस दिन मरीजों का उपचार आई केयर यूनिट में किया जाएगा। अमर उजाला ने जोनल अस्पताल में पांच ओपीडी बंद शीर्षक से स्वास्थ्य सेवाओं का सच प्रकाशित किया था। इसमें नेत्र ओपीडी बंद होने का मामला भी था। इसके बाद अब अस्पताल प्रबंधन ने आंखों के मरीजों का आई केयर यूनिट में जांच करने का फैसला लिया है। इसके अलावा गायनी, आर्थो विशेषज्ञों के पद रिक्त होने के कारण मरीजों को अन्य ओपीडी में भेजा जा रहा है, जिससे मरीजों को प्राथमिक उपचार मिल सके। उधर, धर्मशाला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश कुमार महाजन ने कहा कि नेत्र ओपीडी के मरीजों की जांच आई केयर यूनिट में की जा रही है।
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धर्मशाला अस्पताल प्रबंधन ने लिया फैसला
नेत्र ओपीडी में डॉक्टर न होने पर बाहर भेजे जाएंगे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। नेत्र रोग ओपीडी में चिकित्सक न होने पर अब आंखों के मरीजों को निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में नहीं जाना पड़ेगा। धर्मशाला अस्पताल प्रबंधन अब आंखों के मरीजों को परिसर में स्थित आई केयर यूनिट में उपचार के लिए भेजेगा। धर्मशाला अस्पताल परिसर में ही स्वास्थ्य विभाग का आई केयर यूनिट है, जिसका संचालन अस्पताल प्रबंधन नहीं करता है। वह मुख्य चिकित्सा अधिकारी के दायरे में आता है। अस्पताल में नेत्र ओपीडी में जिस दिन चिकित्सक नहीं होंगे, उस दिन मरीजों का उपचार आई केयर यूनिट में किया जाएगा। अमर उजाला ने जोनल अस्पताल में पांच ओपीडी बंद शीर्षक से स्वास्थ्य सेवाओं का सच प्रकाशित किया था। इसमें नेत्र ओपीडी बंद होने का मामला भी था। इसके बाद अब अस्पताल प्रबंधन ने आंखों के मरीजों का आई केयर यूनिट में जांच करने का फैसला लिया है। इसके अलावा गायनी, आर्थो विशेषज्ञों के पद रिक्त होने के कारण मरीजों को अन्य ओपीडी में भेजा जा रहा है, जिससे मरीजों को प्राथमिक उपचार मिल सके। उधर, धर्मशाला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश कुमार महाजन ने कहा कि नेत्र ओपीडी के मरीजों की जांच आई केयर यूनिट में की जा रही है।