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जिला के होटलों में प्रदर्शित होंगे लोक संस्कृति के चित्र

Thu, 05 Apr 2018 12:13 AM IST
Updated Thu, 05 Apr 2018 12:13 AM IST
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जिला के होटलों में प्रदर्शित होंगे लोक संस्कृति के चित्र
अमर उजाला ब्यूरो
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धर्मशाला। उपायुक्त संदीप कुमार ने कांगड़ा जिला की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने एवं संवर्धन के लिए सभी से मिल कर कार्य करने का आग्रह किया है। उन्होंने लोक संस्कृति के दस्तावेजीकरण की जरूरत बताई और इस क्रम में पौंग बांध में डूबे क्षेत्र की संस्कृति के दस्तावेजीकरण पर विशेष जोर दिया। यह बात उन्होंने कांगड़ा सांस्कृतिक परिषद की बैठक की अध्यक्षता के दौरान जिला की संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े विविध पहलुओं पर चर्चा के दौरान कही।

उन्होंने कांगड़ी लोक कलाओं, भगत आदि लोक नाट्य विधाओं, झमाकड़ा, गद्दी एवं गोरखा नृत्यों एवं लोक वाद्य और संगीत के संरक्षण एवं प्रोत्साहन की आवश्यकता को रेखांकित किया। राष्ट्रीय पर्व पर आयोजित समारोहों में इन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि भावी पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति का ज्ञान हो। इस दौरान कांगड़ा पेंटिंग के उत्थान के लिए आवश्यक पग उठाने को लेकर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की व्यवस्था करने की जरूरत है कि जिले में सभी होटलों में लोक संस्कृति से संबंधित चित्र प्रदर्शित हों, ताकि आने वाले पर्यटकों को यहां कि लोक संस्कृति और धरोहरों के बारे में पता चल सके। उन्होंने कहा कि विरासतों को सहेजने में सांस्कृतिक परिषद में अन्य लोगों को भी जोड़ें, ताकि संस्कृति का संवर्धन हो सके। उन्होंने कांगड़ा जिला पुस्तकालय में उत्कृष्ट पुस्तकों के संग्रहण पर ध्यान देने को कहा। बैठक में परिषद के सदस्यों ने अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। सदस्यों ने कहा कि बालक रूपी मंदिर में आरती के समय नौ वाद्ययंत्र बजाए जाते हैं। इन परंपराओं को अन्य मंदिरों से भी जोड़ा जाए, ताकि हमारी समृद्ध संस्कृति जीवित रहे। उन्होंने स्कूली किताबों में कांगड़ा पेंटिंग को भी आरंभ करने के सुझाव दिए। इस दौरान जिला के पुराने ऐतिहासिक और धार्मिक-सांस्कृतिक दृष्टि से महत्व वाले उपेक्षित मंदिरों को संरक्षण और संबर्द्धन के बारे में भी चर्चा की गई। इस अवसर पर एडीएम मस्त राम भारद्वाज, उपनिदेशक पर्यटन विभाग डॉ. मधु चौधरी, उपनिदेशक सूचना एवं जन संपर्क अजय पाराशर, खेल अधिकारी संजय शर्मा, जिला भाषा अधिकारी राजकुमार सकलानी, राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के प्रधानाचार्य सुनील मेहता, विख्यात लेखक डॉ. गौतम शर्मा व्यथित, डॉ. पीयुष गुलेरी, राघव गुलेरिया, रेखा शर्मा, मालविका पठानिया सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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