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सूबे में पहली बेलून कायफोप्लास्टी का सफल ऑप्रेशन
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प्रदेश में बेलून कायफोप्लास्टी का पहला सफल ऑप्रेशन
टांडा के न्यूरो सर्जन डॉ. जोशी ने कर दिखाया करिश्मा
पेड़ से गिरा था मरीज, स्वस्थ होकर किया डिस्चार्ज
अमर उजाला ब्यूरो
कांगड़ा। सूबे में पहली बार बेलून कायफोप्लास्टी की सफल सर्जरी डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में हुई है। कॉलेज के न्यूरो सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. अमित जोशी ने इस सफल सर्जरी को अंजाम देकर टांडा कॉलेज की चिकित्सीय उपलब्धि में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। बेलून कायफोप्लास्टी की सर्जरी करने पर टांडा कॉलेज सूबे में पहला चिकित्सीय संस्थान बनकर उभरा है। मसलन इससे पहली ऐसी सफल सर्जरी हिमाचल में नहीं हुई थी। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. भानु अवस्थी हिमाचल में इस तरह की पहली बार हुई सफल सर्जरी से बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए डॉ. अमित जोशी बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने बेलून कायफोप्लास्टी की सर्जरी को सफल अंजाम देकर टांडा मेडिकल कालेज के इतिहास में एक नया पन्ना जोड़ दिया है। मरीज जिला कांगड़ा से संबधित है। पेड़ से गिरने के बाद उसकी रीढ़ की हड्डी में फ्रेक्चर हो गया था। सफल सर्जरी करने के बाद मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है और उसे छुट्टी दे गई है।
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क्या है बेलून कायफोप्लास्टी
इस प्रोसीजर में मरीज की रीढ़ की हड्डी एक तरह से टूट जाती है। फिर बेलून कायफोप्लास्टी के जरिये फ्रेक्चर हड्डी को बोन सीमेंट के जरिये जोड़ा जाता है। इसके बाद रीड़ की हड्डी दोबारा अपनी शेप में आ जाती है।
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टांडा के न्यूरो सर्जन डॉ. जोशी ने कर दिखाया करिश्मा
पेड़ से गिरा था मरीज, स्वस्थ होकर किया डिस्चार्ज
अमर उजाला ब्यूरो
कांगड़ा। सूबे में पहली बार बेलून कायफोप्लास्टी की सफल सर्जरी डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में हुई है। कॉलेज के न्यूरो सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. अमित जोशी ने इस सफल सर्जरी को अंजाम देकर टांडा कॉलेज की चिकित्सीय उपलब्धि में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। बेलून कायफोप्लास्टी की सर्जरी करने पर टांडा कॉलेज सूबे में पहला चिकित्सीय संस्थान बनकर उभरा है। मसलन इससे पहली ऐसी सफल सर्जरी हिमाचल में नहीं हुई थी। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. भानु अवस्थी हिमाचल में इस तरह की पहली बार हुई सफल सर्जरी से बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए डॉ. अमित जोशी बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने बेलून कायफोप्लास्टी की सर्जरी को सफल अंजाम देकर टांडा मेडिकल कालेज के इतिहास में एक नया पन्ना जोड़ दिया है। मरीज जिला कांगड़ा से संबधित है। पेड़ से गिरने के बाद उसकी रीढ़ की हड्डी में फ्रेक्चर हो गया था। सफल सर्जरी करने के बाद मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है और उसे छुट्टी दे गई है।
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क्या है बेलून कायफोप्लास्टी
इस प्रोसीजर में मरीज की रीढ़ की हड्डी एक तरह से टूट जाती है। फिर बेलून कायफोप्लास्टी के जरिये फ्रेक्चर हड्डी को बोन सीमेंट के जरिये जोड़ा जाता है। इसके बाद रीड़ की हड्डी दोबारा अपनी शेप में आ जाती है।
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