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शहर की समस्याओं पर जनसंवाद (भाग-आठ) वार्ड खेल परिसर
Updated Sun, 11 Mar 2018 11:24 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला के खेल परिसर वार्ड में हर रोज हजारों छात्र और पर्यटक आते हैं, लेकिन सार्वजनिक शौचालय न होने के कारण पर्यटक खुले में शौच और पेशाब करने का मजबूर हैं। खेल परिसर वार्ड केसीसी बैंक के मुख्यालय से शुरू होकर साई छात्रावास, गुलेरी मुहल्ले तक कोई सार्वजनिक शौचालय नहीं है।
यहां पर स्थित एचपीसीए स्टेडियम देखने हर रोज सैकड़ों पर्यटक आते हैं, लेकिन पार्किंग और सार्वजनिक शौचालय न होने के कारण उन्हें दिक्कतों को सामना करना पड़ता है। केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के धौलाधार परिसर के बाहर रेहड़ी-फड़ी और वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण आम लोगों, सीयू, स्कूल और कॉलेज के छात्रों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार तो पर्यटक सीयू के भवन के शौचालय में प्रयोग करने के लिए अंदर चले जाते हैं। साथ ही पार्किंग की सुविधा न होने के कारण यहां पर अक्सर सड़क के दोनों और वाहनों की लाइनें लगी रहती हैं, जो भी स्टेडियम देखने जाता है। वहां सड़क पर गाड़ी पार्किंग कर देता है। इसके अलावा वार्ड में भूमिगत कूड़ादान कम होने के कारण अभी पुराने कूड़ेदान के सहारे एमसी काम चला रहा है। डीपीआरओ ऑफिस के साथ खुले कूड़ादान के बाहर अकसर गंदगी का ढेर लगा रहता है। इस कारण कारण राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
सरकारी आवास कॉलोनी के बाशिंदे तंग
वार्ड में सरकारी आवासीय कॉलोनी में रहने वाले कर्मचारी और अधिकारी पर्यटकों के वाहनों की पार्किंग से भारी तंग हैं। कई पर्यटक तो कॉलोनी के अंदर वाहन खड़े करते हैं और वहां पर गंदगी फेंक कर चले जाते हैं। इसके अलावा सुरक्षा की दृष्टि से कॉलोनी के निवासी परेशान हैं। कॉलोनी में रहने वाले कश्मीर सिंह, लेखराज, जोगिंद्र सिंह, लक्ष्मी देवी, शशि वाला, निशांत और वाईएम सोनी ने प्रशासन और एमसी से स्टेडियम देखने वाले पर्यटकों के लिए सिंथेटिक ट्रैक के साथ लगते खाली मैदान में पार्किंग बनाने का मांग उठाई है।
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कोट्स
सौरभ ठाकुर ने कहा कि महिला थाने के सामने भूमिगत कूड़ादान स्थापित होना चाहिए, ताकि राहगीरों और वहां के कारोबारियों को गंदगी से राहत मिल सके।
कोट्स
सुरेश कुमार ने कहा कि सीयू के सामने पार्किंग न होने के कारण पर्यटकों की गाड़ियों का जमावड़ा रहता है। इस कारण सरकारी आवासीय कॉलोनी में रहने वालों को अपनी गाड़ी निकलने के लिए बड़ी परेशानी उठानी पड़ रही है।
कोट्स
स्कूली छात्रा श्रेया ने कहा कि छुट्टी होने के बाद जब वे वापस घर आती है, तो पर्यटकों के जमावड़े के कारण वहां से आने-जाने में बड़ी समस्या रहती है। एमसी को एचपीसीए से बात कर साई छात्रावास की ओर वाले गेटों से स्टेडियम के पर्यटकों के लिए खोलने की मांग करनी चाहिए।
कोट्स
आकांक्षा ने कहा कि पर्यटकों के लिए वार्ड में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण करना चाहिए। जिससे पर्यटकों को खुले या किसी अन्य संस्थानों में न जाना पड़े।
कोट्स
मुकेश कुमार ने कहा कि पार्किंग और पार्क की वार्ड में सबसे ज्यादा कमी है। पार्किंग न होने से वाहन सड़कों पर ही खड़े करने पड़ते हैं। वहीं, बच्चों को खेलने और बुजुर्गों को बैठने के लिए वार्ड में पार्क की सुविधा नहीं है।
कोट्स
संजीव धीमान ने कहा कि सार्वजनिक शौचालय ने होने से बाहर से आने-जाने वाले लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ती है। एमसी को वार्ड में शौचालय का निर्माण करना चाहिए।
कोट्स
सृष्टा देवी ने कहा कि वार्ड में रूटीन की सफाई नहीं होती है। न ही भूमिगत कूड़ेदान से समय पर कूड़ा उठाया जाता है। इस कारण बेसहारा पशु और कुत्ते कूड़ादान के बाहर पड़ी गंदगी को सड़क तक फैला देते हैं।
कोट्स
खेल परिसर वार्ड की पार्षद सरोज गुलेरिया ने कहा कि सार्वजनिक शौचालय बनाने का प्रस्ताव एमसी की आमसभा में रखा है। बजट मिलने के तुरंत बाद काम शुरू किया जाएगा। पार्किंग के लिए एमसी की जमीन न होने के कारण स्थल नहीं मिल रहा है। इस कारण परेशानी हो रही है।
अभी सड़क सुविधा से वंचित है रोडीकूट गांव
खेल परिसर वार्ड के रोडीकूट गांव में अभी तक सड़क सुविधा तक नहीं है। नगर निगम के गठन से पहले यह गांव पंचायत के दायरे में आता था, लेकिन अब एमसी में जोड़ दिया गया है। जहां पर अभी एमसी दो सालों में सड़क तक नहीं निकाल पाई है। गांव के तिलक राज, जगन नाथ, रमन कुमार उन्हें नगर निगम में तो शामिल कर लिया गया है, लेकिन यहां पर मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
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धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला के खेल परिसर वार्ड में हर रोज हजारों छात्र और पर्यटक आते हैं, लेकिन सार्वजनिक शौचालय न होने के कारण पर्यटक खुले में शौच और पेशाब करने का मजबूर हैं। खेल परिसर वार्ड केसीसी बैंक के मुख्यालय से शुरू होकर साई छात्रावास, गुलेरी मुहल्ले तक कोई सार्वजनिक शौचालय नहीं है।
यहां पर स्थित एचपीसीए स्टेडियम देखने हर रोज सैकड़ों पर्यटक आते हैं, लेकिन पार्किंग और सार्वजनिक शौचालय न होने के कारण उन्हें दिक्कतों को सामना करना पड़ता है। केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के धौलाधार परिसर के बाहर रेहड़ी-फड़ी और वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण आम लोगों, सीयू, स्कूल और कॉलेज के छात्रों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार तो पर्यटक सीयू के भवन के शौचालय में प्रयोग करने के लिए अंदर चले जाते हैं। साथ ही पार्किंग की सुविधा न होने के कारण यहां पर अक्सर सड़क के दोनों और वाहनों की लाइनें लगी रहती हैं, जो भी स्टेडियम देखने जाता है। वहां सड़क पर गाड़ी पार्किंग कर देता है। इसके अलावा वार्ड में भूमिगत कूड़ादान कम होने के कारण अभी पुराने कूड़ेदान के सहारे एमसी काम चला रहा है। डीपीआरओ ऑफिस के साथ खुले कूड़ादान के बाहर अकसर गंदगी का ढेर लगा रहता है। इस कारण कारण राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
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सरकारी आवास कॉलोनी के बाशिंदे तंग
वार्ड में सरकारी आवासीय कॉलोनी में रहने वाले कर्मचारी और अधिकारी पर्यटकों के वाहनों की पार्किंग से भारी तंग हैं। कई पर्यटक तो कॉलोनी के अंदर वाहन खड़े करते हैं और वहां पर गंदगी फेंक कर चले जाते हैं। इसके अलावा सुरक्षा की दृष्टि से कॉलोनी के निवासी परेशान हैं। कॉलोनी में रहने वाले कश्मीर सिंह, लेखराज, जोगिंद्र सिंह, लक्ष्मी देवी, शशि वाला, निशांत और वाईएम सोनी ने प्रशासन और एमसी से स्टेडियम देखने वाले पर्यटकों के लिए सिंथेटिक ट्रैक के साथ लगते खाली मैदान में पार्किंग बनाने का मांग उठाई है।
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सौरभ ठाकुर ने कहा कि महिला थाने के सामने भूमिगत कूड़ादान स्थापित होना चाहिए, ताकि राहगीरों और वहां के कारोबारियों को गंदगी से राहत मिल सके।
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सुरेश कुमार ने कहा कि सीयू के सामने पार्किंग न होने के कारण पर्यटकों की गाड़ियों का जमावड़ा रहता है। इस कारण सरकारी आवासीय कॉलोनी में रहने वालों को अपनी गाड़ी निकलने के लिए बड़ी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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स्कूली छात्रा श्रेया ने कहा कि छुट्टी होने के बाद जब वे वापस घर आती है, तो पर्यटकों के जमावड़े के कारण वहां से आने-जाने में बड़ी समस्या रहती है। एमसी को एचपीसीए से बात कर साई छात्रावास की ओर वाले गेटों से स्टेडियम के पर्यटकों के लिए खोलने की मांग करनी चाहिए।
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आकांक्षा ने कहा कि पर्यटकों के लिए वार्ड में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण करना चाहिए। जिससे पर्यटकों को खुले या किसी अन्य संस्थानों में न जाना पड़े।
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मुकेश कुमार ने कहा कि पार्किंग और पार्क की वार्ड में सबसे ज्यादा कमी है। पार्किंग न होने से वाहन सड़कों पर ही खड़े करने पड़ते हैं। वहीं, बच्चों को खेलने और बुजुर्गों को बैठने के लिए वार्ड में पार्क की सुविधा नहीं है।
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संजीव धीमान ने कहा कि सार्वजनिक शौचालय ने होने से बाहर से आने-जाने वाले लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ती है। एमसी को वार्ड में शौचालय का निर्माण करना चाहिए।
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सृष्टा देवी ने कहा कि वार्ड में रूटीन की सफाई नहीं होती है। न ही भूमिगत कूड़ेदान से समय पर कूड़ा उठाया जाता है। इस कारण बेसहारा पशु और कुत्ते कूड़ादान के बाहर पड़ी गंदगी को सड़क तक फैला देते हैं।
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खेल परिसर वार्ड की पार्षद सरोज गुलेरिया ने कहा कि सार्वजनिक शौचालय बनाने का प्रस्ताव एमसी की आमसभा में रखा है। बजट मिलने के तुरंत बाद काम शुरू किया जाएगा। पार्किंग के लिए एमसी की जमीन न होने के कारण स्थल नहीं मिल रहा है। इस कारण परेशानी हो रही है।
अभी सड़क सुविधा से वंचित है रोडीकूट गांव
खेल परिसर वार्ड के रोडीकूट गांव में अभी तक सड़क सुविधा तक नहीं है। नगर निगम के गठन से पहले यह गांव पंचायत के दायरे में आता था, लेकिन अब एमसी में जोड़ दिया गया है। जहां पर अभी एमसी दो सालों में सड़क तक नहीं निकाल पाई है। गांव के तिलक राज, जगन नाथ, रमन कुमार उन्हें नगर निगम में तो शामिल कर लिया गया है, लेकिन यहां पर मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।