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डीएम के छह पद स्वीकृत, तो बाकी हटाए जाएं:शंकर
Updated Sat, 24 Feb 2018 11:53 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। हिमाचल परिवहन मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि संघ प्रदेश सरकार से मांग करता है कि एचआरटीसी में स्वीकृत छह डीएम के पदों पर ही अधिकारी तैनात किए जाएं, जबकि शेष डीएम को उनके पदों से हटाया जाए। वर्तमान में एक दर्जन डीएम के पद पर अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो कायदे से गलत है। वहीं, पूर्व सरकार के पांच साल के कार्यकाल में एचआरटीसी में हुई भर्तियों की विजिलेंस जांच को लेकर प्रदेश सरकार को मांग पत्र सौंपा है, जिस पर मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं।
हिमाचल परिवहन मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर का शनिवार को संघ की धर्मशाला इकाई ने स्वागत किया। इस दौरान शहीद स्मारक धर्मशाला से लेकर एचआरटीसी वर्कशॉप तक संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने रैली निकाली। वहीं, एचआरटीसी वर्कशॉप में कर्मचारियों के साथ बैठक के दौरान शंकर सिंह ने आरोप लगाया कि एचआरटीसी को पूर्व सरकार ने प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाकर रख दिया था। जिन अधिकारियों को एचआरटीसी की एबीसी तक पता नहीं थी। वे सरकार के सलाहकार बने थे। पूर्व सरकार पिछले तीन साल से एचआरटीसी को कौशल विकास भत्ते पर चला रही थी। उसमें भी चहेतों को लाभ दिया जा रहा था। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी में पीस मील और कौशल विकास भत्ता कर्मचारियों को नियमित करने, पेंशनर्स और कर्मचारियों के अन्य लंबित भत्तों को समय पर भुगतान करने की मांग संघ प्रदेश सरकार के समक्ष रखी जाएगी।
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धर्मशाला। हिमाचल परिवहन मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि संघ प्रदेश सरकार से मांग करता है कि एचआरटीसी में स्वीकृत छह डीएम के पदों पर ही अधिकारी तैनात किए जाएं, जबकि शेष डीएम को उनके पदों से हटाया जाए। वर्तमान में एक दर्जन डीएम के पद पर अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो कायदे से गलत है। वहीं, पूर्व सरकार के पांच साल के कार्यकाल में एचआरटीसी में हुई भर्तियों की विजिलेंस जांच को लेकर प्रदेश सरकार को मांग पत्र सौंपा है, जिस पर मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं।
हिमाचल परिवहन मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर का शनिवार को संघ की धर्मशाला इकाई ने स्वागत किया। इस दौरान शहीद स्मारक धर्मशाला से लेकर एचआरटीसी वर्कशॉप तक संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने रैली निकाली। वहीं, एचआरटीसी वर्कशॉप में कर्मचारियों के साथ बैठक के दौरान शंकर सिंह ने आरोप लगाया कि एचआरटीसी को पूर्व सरकार ने प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाकर रख दिया था। जिन अधिकारियों को एचआरटीसी की एबीसी तक पता नहीं थी। वे सरकार के सलाहकार बने थे। पूर्व सरकार पिछले तीन साल से एचआरटीसी को कौशल विकास भत्ते पर चला रही थी। उसमें भी चहेतों को लाभ दिया जा रहा था। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी में पीस मील और कौशल विकास भत्ता कर्मचारियों को नियमित करने, पेंशनर्स और कर्मचारियों के अन्य लंबित भत्तों को समय पर भुगतान करने की मांग संघ प्रदेश सरकार के समक्ष रखी जाएगी।
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