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योजनाओें का सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित करें : सिंहमार
Wed, 20 Nov 2024 07:12 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 20 Nov 2024 07:12 AM IST
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कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, चंबा के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित
सुखाश्रय योजना की नियमित माॅनिटरिंग के भी दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव आशीष सिंहमार ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के उत्थान के लिए चलाई गई योजनाओं का सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग लाभान्वित हो सकें।
धर्मशाला के डीआरडीए सभागार में मंगलवार को कांगड़ा मंडल के हमीरपुर, ऊना, चंबा और कांगड़ा जिलों के महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सचिव आशीष सिंहमार ने कहा कि प्रदेश सरकार सामाजिक सरोकार को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। इस दिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री आश्रय योजना आरंभ की है।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना का सुचारू कार्यान्वयन अत्यंत जरूरी है और नियमित तौर पर योजना की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना को विस्तार प्रदान करते हुए परित्यक्त और सरेंडर बच्चों को भी इसके दायरे में शामिल किया है। अब यह योजना विभिन्न चुनौतियों से जूझ रहे परित्यक्त बच्चों की सहायता करेगी। परित्यक्त बच्चों से तात्पर्य ऐसे बच्चों से है जिनके जैविक या दत्तक माता-पिता, अभिभावकों ने उनका त्याग कर दिया है। जबकि सरेंडर बच्चों में वे बच्चे शामिल हैं जिनका माता-पिता या अभिभावकों ने शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कारणों से त्याग किया है।
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इन बच्चों को इस योजना के तहत लाभान्वित करने से उनका संपूर्ण विकास सुनिश्चित होगा। उनकी मानसिक, आर्थिक, सामाजिक एवं भावनात्मक आवश्यकताएं भी पूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए भी प्रपोजल तैयार करें ताकि बच्चों को बेहतर सुविधा मिल सके। इस अवसर पर सचिव आशीष सिंहमार ने बेटी है अनमोल, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, विधवा पुनर्विवाह योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना, एमटी अक्षय मित्र संबल योजना की प्रगति रिपोर्ट पर भी चर्चा की और अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं के तहत निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध पूरा करें ताकि पात्र लोगों को लाभ मिल सके। इस अवसर पर कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर तथ ऊना के महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
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सुखाश्रय योजना की नियमित माॅनिटरिंग के भी दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव आशीष सिंहमार ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के उत्थान के लिए चलाई गई योजनाओं का सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग लाभान्वित हो सकें।
धर्मशाला के डीआरडीए सभागार में मंगलवार को कांगड़ा मंडल के हमीरपुर, ऊना, चंबा और कांगड़ा जिलों के महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सचिव आशीष सिंहमार ने कहा कि प्रदेश सरकार सामाजिक सरोकार को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। इस दिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री आश्रय योजना आरंभ की है।
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उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना का सुचारू कार्यान्वयन अत्यंत जरूरी है और नियमित तौर पर योजना की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना को विस्तार प्रदान करते हुए परित्यक्त और सरेंडर बच्चों को भी इसके दायरे में शामिल किया है। अब यह योजना विभिन्न चुनौतियों से जूझ रहे परित्यक्त बच्चों की सहायता करेगी। परित्यक्त बच्चों से तात्पर्य ऐसे बच्चों से है जिनके जैविक या दत्तक माता-पिता, अभिभावकों ने उनका त्याग कर दिया है। जबकि सरेंडर बच्चों में वे बच्चे शामिल हैं जिनका माता-पिता या अभिभावकों ने शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कारणों से त्याग किया है।
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इन बच्चों को इस योजना के तहत लाभान्वित करने से उनका संपूर्ण विकास सुनिश्चित होगा। उनकी मानसिक, आर्थिक, सामाजिक एवं भावनात्मक आवश्यकताएं भी पूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए भी प्रपोजल तैयार करें ताकि बच्चों को बेहतर सुविधा मिल सके। इस अवसर पर सचिव आशीष सिंहमार ने बेटी है अनमोल, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, विधवा पुनर्विवाह योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना, एमटी अक्षय मित्र संबल योजना की प्रगति रिपोर्ट पर भी चर्चा की और अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं के तहत निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध पूरा करें ताकि पात्र लोगों को लाभ मिल सके। इस अवसर पर कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर तथ ऊना के महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।