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एचआरटीसी को बर्बाद होता नहीं देख सकता...बाली
Updated Sun, 06 May 2018 12:05 AM IST
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एचआरटीसी को बर्बाद होता नहीं देख सकता : बाली
कांगड़ा। पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली ने आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी सूचना है कि कानून को ताक में रखकर एक निजी ट्रांसपोर्ट कंपनी को 13 प्रांतीय रूटों को अंतरराजीय करने की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। कांगड़ा में पत्रकार वार्ता में बाली ने कहा कि यह रूट ढांगू वाया पठानकोट बनाया गया है, जबकि टाइम टेबल में ढांगू और पठानकोट का समय एक ही दिखाया गया है। इन दोनों जगहों में बहुत अंतर है। बाली ने कहा कि सरकार में बैठे कुछ अधिकारी बड़ी चतुराई से कानून और नियमों को ताक रमें रखकर काम कर रहे हैं। कहा कि एचआरटीसी की दुर्दशा हो रही है और इसे वह बर्बाद होता नहीं देख सकते। इससे तो सड़क सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाएगी, क्योंकि एचआरटीसी और निजी बसों का टाइल टेबल को लेकर झगड़ा होगा। बाली ने कहा कि इन रूटों को देने से पहले मंत्रिमंडल से मंजूरी भी नहीं ली गई। कहा कि किसी निजी बस को रूट देने से पहले यह देखा जाता है कि उन बसों की सेवाएं साठ फीसदी गांवों और चालीस फीसदी एनएच पर हों। बाली ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार को यह भी देखना चाहिए कि निजी बसों में काम करने वाले चालकों और परिचालकों का उनके मालिक पूरा पैसा, छुट्टियां और उनका मेडिकल करवा रहे हैं या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा गई।
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कांगड़ा। पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली ने आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी सूचना है कि कानून को ताक में रखकर एक निजी ट्रांसपोर्ट कंपनी को 13 प्रांतीय रूटों को अंतरराजीय करने की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। कांगड़ा में पत्रकार वार्ता में बाली ने कहा कि यह रूट ढांगू वाया पठानकोट बनाया गया है, जबकि टाइम टेबल में ढांगू और पठानकोट का समय एक ही दिखाया गया है। इन दोनों जगहों में बहुत अंतर है। बाली ने कहा कि सरकार में बैठे कुछ अधिकारी बड़ी चतुराई से कानून और नियमों को ताक रमें रखकर काम कर रहे हैं। कहा कि एचआरटीसी की दुर्दशा हो रही है और इसे वह बर्बाद होता नहीं देख सकते। इससे तो सड़क सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाएगी, क्योंकि एचआरटीसी और निजी बसों का टाइल टेबल को लेकर झगड़ा होगा। बाली ने कहा कि इन रूटों को देने से पहले मंत्रिमंडल से मंजूरी भी नहीं ली गई। कहा कि किसी निजी बस को रूट देने से पहले यह देखा जाता है कि उन बसों की सेवाएं साठ फीसदी गांवों और चालीस फीसदी एनएच पर हों। बाली ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार को यह भी देखना चाहिए कि निजी बसों में काम करने वाले चालकों और परिचालकों का उनके मालिक पूरा पैसा, छुट्टियां और उनका मेडिकल करवा रहे हैं या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा गई।