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Kangra News: पौंग झील में 65 लाख मछली बीज संग्रहित
Mon, 02 Dec 2024 08:18 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 02 Dec 2024 08:18 AM IST
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फतेहपुर (कांगड़ा)। महाराणा प्रताप सागर (पौंग झील) में वर्ष 2024-25 के लिए विभिन्न प्रजातियों के 65 लाख मछली के बीज संग्रहित किए गए हैं। हिमाचल प्रदेश मत्स्य विभाग के निदेशक विवेक चंदेल ने बताया कि कतला 30 लाख, रोहू 20 लाख, मोरी पांच लाख और ग्रास कार्प 10 लाख के 70 मिमी से अधिक साइज के बीज डाले गए हैं।
मत्स्य बीज संग्रहण सिहाल, मझार, डाडासीबा और जंबल जैसे स्थानों पर विभागीय पर्यवेक्षकों, स्थानीय सहकारी सभा, मछुआरों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुआ। इस साल 15 नवंबर 2024 तक पौंग झील से 2,32,440 किलो मछली का उत्पादन हुआ, जिसका मूल्य 4.72 करोड़ रुपये से ज्यादा रहा।
यह देश का एकमात्र जलाशय है , जिसमें मछुआरों को अपनी मछली के सबसे अधिक दाम मिल रहे हैं और यह दाम हर साल बढ़ते हैं। इस वर्ष मत्स्य सहकारी सभा नंदपुर की मछली की दाम 311 रुपये प्रति किलोग्राम सबसे अधिक है। सहायक निदेशक संदीप कुमार ने मछुआरों से झील में डाले गए बीज का संरक्षण सुनिश्चित करने की अपील की है, जिससे भविष्य में मछली उत्पादन और मछुआरों को अधिक लाभ मिलेगा।
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मत्स्य बीज संग्रहण सिहाल, मझार, डाडासीबा और जंबल जैसे स्थानों पर विभागीय पर्यवेक्षकों, स्थानीय सहकारी सभा, मछुआरों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुआ। इस साल 15 नवंबर 2024 तक पौंग झील से 2,32,440 किलो मछली का उत्पादन हुआ, जिसका मूल्य 4.72 करोड़ रुपये से ज्यादा रहा।
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यह देश का एकमात्र जलाशय है , जिसमें मछुआरों को अपनी मछली के सबसे अधिक दाम मिल रहे हैं और यह दाम हर साल बढ़ते हैं। इस वर्ष मत्स्य सहकारी सभा नंदपुर की मछली की दाम 311 रुपये प्रति किलोग्राम सबसे अधिक है। सहायक निदेशक संदीप कुमार ने मछुआरों से झील में डाले गए बीज का संरक्षण सुनिश्चित करने की अपील की है, जिससे भविष्य में मछली उत्पादन और मछुआरों को अधिक लाभ मिलेगा।
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