{"_id":"66bfdead07e010ed820545c8","slug":"32-mile-trilokpur-kotla-road-caved-in-traffic-closed-kangra-news-c-95-1-ssml1020-143579-2024-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: 32 मील-त्रिलोकपुर-कोटला सड़की धंसी, आवाजाही बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: 32 मील-त्रिलोकपुर-कोटला सड़की धंसी, आवाजाही बंद
Sat, 17 Aug 2024 04:50 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 17 Aug 2024 04:50 AM IST
विज्ञापन
कोटला (कांगड़ा)। भारी बारिश के कारण 32 मील-सोलधा-त्रिलोकपुर-कोटला सड़क धंस गई। इस मार्ग पर ब आवाजाही पूर्ण रूप से बंद है। पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर 32 मील के समीप फोरलेन कार्य के चलते
इस सड़क का एक हिस्सा गिर गया था। जिसे विभाग की मिट्टी डाल कर चलाया गया था, लेकिन इस वर्ष बरसात के चलते मिट्टी धंस जाने से सड़क मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। इससे स्कूली बच्चों, ड्यूटी पर जाने वाले लोगों एवं ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब स्कूली बच्चे कई मील पैदल चलकर 32 मील पहुंच रहे हैं, तब जाकर कहीं बस ले रहे है। वहीं बाइक सवार थोड़ी सी जगह में जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे है। ग्रामीण रजनीश शर्मा, राहुल खत्री उप प्रधान त्रिलोकपुर पंचायत, विजय जम्वाल, अशोक कुमार, सुभाष चंद, शिवांशु द्विवेदी, राजीव कुमार, कुशल कुमार और दिलबाग सिंह का कहना है कि दूसरा पैदल मार्ग त्रिलोकपुर से शिवमंदिर तक था। वह भी फोरलेन की भेंट चढ़ गया है, इस वजह से कोई बीमार को ले जाने में भी दिक्कत आ रही है।
अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती तो उसे भी वाया कोटला या 32 मील श्मशानघाट तक पहुंचाने के लिए 15 किलोमीटर का लंबा सफर करके ले जाना पड़ रहा है। वहीं, शुक्रवार को ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच कर सरकार, प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई के खिलाफ रोष व्यक्त किया है। उन्होंने चेताया है कि जल्द से जल्द इस सड़क मार्ग को ठीक नहीं किया गया तो जल्द ही पठानकोट मंडी एनएच पर चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस सड़क का एक हिस्सा गिर गया था। जिसे विभाग की मिट्टी डाल कर चलाया गया था, लेकिन इस वर्ष बरसात के चलते मिट्टी धंस जाने से सड़क मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। इससे स्कूली बच्चों, ड्यूटी पर जाने वाले लोगों एवं ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब स्कूली बच्चे कई मील पैदल चलकर 32 मील पहुंच रहे हैं, तब जाकर कहीं बस ले रहे है। वहीं बाइक सवार थोड़ी सी जगह में जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे है। ग्रामीण रजनीश शर्मा, राहुल खत्री उप प्रधान त्रिलोकपुर पंचायत, विजय जम्वाल, अशोक कुमार, सुभाष चंद, शिवांशु द्विवेदी, राजीव कुमार, कुशल कुमार और दिलबाग सिंह का कहना है कि दूसरा पैदल मार्ग त्रिलोकपुर से शिवमंदिर तक था। वह भी फोरलेन की भेंट चढ़ गया है, इस वजह से कोई बीमार को ले जाने में भी दिक्कत आ रही है।
विज्ञापन
अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती तो उसे भी वाया कोटला या 32 मील श्मशानघाट तक पहुंचाने के लिए 15 किलोमीटर का लंबा सफर करके ले जाना पड़ रहा है। वहीं, शुक्रवार को ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच कर सरकार, प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई के खिलाफ रोष व्यक्त किया है। उन्होंने चेताया है कि जल्द से जल्द इस सड़क मार्ग को ठीक नहीं किया गया तो जल्द ही पठानकोट मंडी एनएच पर चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
विज्ञापन